भाषा बचाओ संघर्ष की बैठक संपन्न।



साहिबगंज:-शहर के मछुआ सोसाइटी में भाषा बचाओ संघर्ष समिति की एक बैठक रखी गई, बैठक की अध्यक्षता अवकाश सेवानिवृत्त प्रोफेसर पारसनाथ राय ने किया।बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि जिस प्रकार से बीते दिनों झारखंड के मुख्यमंत्री ने भोजपुरी,मगही भाषा को लेकर जो विवादित बयान दिया था और  भोजपुरी,मैथिली,अंगिका,मगही भाषा को स्थानीय भाषा मानने से इनकार किया था।उसी के विरोध में उक्त भाषा भाषी के लोगों द्वारा अपनी भाषा को क्षेत्रीय भाषा मे शामिल करवाने के उदेश्य से यह बैठक रखी गई ।जिसमें भोजपुरी , मगही,मैथली,अंगिका भाषा भाषी सैकड़ों लोग उपस्थित हुए।बैठक में ये तय किया गया कि भोजपुरी, मगही,अंगिका,मैथली भाषा को बिहार राज्य के ही तरह झारखंड में भी इसे स्थानीय भाषा की मान्यता दिया जाए अगर झारखंड सरकार ऐसा नही करती हैं तो भाषा बचाओ संघर्ष समिति आगे भी अपनी भाषा के अस्तित्व की लड़ाई सरकार से शांतिपूर्ण ढंग से लड़ेगी।साथ ही इस बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी 5 अक्टूबर को शहर के मछुआ सोसाइटी में भाषा बचाओ संघर्ष समिति के द्वारा एक विचार गोष्ठी कार्यक्रम करेगी। जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व श्रम मंत्री के एन त्रिपाठी बैठक में शामिल होंगे।आगे के कार्यक्रम के लिए सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी सिंघेश्वर मंडल को अध्यक्ष एवं अनिल ओझा को सचिव चुना गया।बैठक में मुख्य रूप से मुरलीधर ठाकुर,जंग बहादुर ओझा,कौशल किशोर ओझा,सरकारी अधिवक्ता सूर्यनारायण यादव,अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम नाथ तिवारी,संध्या कॉलेज के प्राचार्य शंभु नाथ पाठक,महेंद्र पासवान,दिलीप सिंह,भोला प्रसाद यादव,राजीव चौधरी,आकाश पांडेय,ब्रजेश झा ,  रामलाल परिहार,श्याम सुंदर पोद्दार,विनोद यादव,चतुरानंद पांडेय,रामचंद्र यादव,मुरलीधर तिवारी,भगवती रंजन पांडेय, बिनोद यादव,विपिन ठाकुर,उमेश पांडेय,काला ओझा,राकेश रंजन, अजगैबी नाथ यादव,बबन यादव, मनोज ओझा,शंकर यादव,जय कुमार दुबे,जमुना यादव,बिनोद यादव,राजेश चौधरी,अमरेश झा, अमरनाथ यादव,मनोज ओझा, राम चंद्र यादव,प्रदीप यादव,भगवान यादव,ललन ठाकुर,बीरेंद्र दुबे,राजेश केशरी  , शशिकांत दुबे,राम बिलास गोंड, कृष्ण कुमार केशरी,सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित थे।

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