अधिकार और कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू हैं : रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी!



मधुपुर स्टेशन पर राष्ट्रीय विधिक प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक प्राधिकार और अनुमंडल विधिक सेवा समिति के बैनर तले अमृत महोत्सव के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आ का आयोजन रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार को किया गया। मौके पर रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र ने कहा कि  अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। रेलवे स्टेशन पर आना यात्रियों का अधिकार है लेकिन प्लेटफार्म पर आने के पहले उन्हें  प्लेटफार्म टिकट खरीदना चाहिए और 2 घंटे के बाद परिसर से निकल जाना चाहिए। यात्रियों को महिला और दिव्यांग बोगी में यात्रा करते पकड़े जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी। रेल फाटक बंद हो तो उसे पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। इसी प्रकार रेलवे लाइन पार करना भी सरासर गलत है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिक और यात्रियों को जागरूक करना है उन्होंने कहा कि ऊपरी सीढ़ी का प्रयोग करना चाहिए ताकि किसी प्रकार की कोई घटना ना हो सके उन्होंने खासकर नशा मुक्ति के बारे में कहा कि हमारे देश में विकराल रूप धारण किया हुआ है बच्चे से लेकर बूढ़े लोगों को यह लत लग चुकी है इससे कई प्रकार के बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है  शराब गुटका खैनी तंबाकू इत्यादि सेवन करने से कई प्रकार के बीमारियां का सामना करना पड़ रहा है नशा मुक्त देश बनाने के लिए हमें मिलजुल कर कड़ाई से इस को रोकना पड़ेगा। मौके पर रेल थाना प्रभारी हरे राम दुबे, आरपीएफ इंस्पेक्टर इंचार्ज देवनाथ, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, अधिवक्ता दीपक सोलंकी, प्रमोद कुमार वर्मा, खालिद जमा खान, पेशकार प्रभाष चंद्र झा,O/C cum असिस्टेंट रमीज राजा, उदय कुमार सिन्हा आदि उपस्थित थे! वहीं उपस्थित लोगों ने भी  अपने-अपने विचार प्रकट कर रेलवे एक्ट अधिनियम की जानकारी रेल यात्रियों को दिया!

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