किसानों की समस्या का हल करने के प्रति गंभीर हैं झारखंड के कृषि मंत्रीः उपेंद्र



सारवा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की  जन्म जयंती पर देवघर जिले के सारवां प्रखंड के दौंदिया   पंचायत के बधनी गांव में किसानों को बड़ा तोहफा झारखंड सरकार की ओर से परंपरागत कृषि को बढ़ावा देने के लिए दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन आदिती संस्था के सहयोग से झारखंड सरकार व ऑर्गेनिक फार्मिंग अथॉरिटी ऑफ झारखंड द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें 89 किसानों के बीच वर्मी कंपोस्ट तैयार करने के लिए वर्मी बेड का वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के तस्वीर पर अतिथियों व किसानों द्वारा पुष्पांजलि देकर उन्हें याद करने के बाद हुआ। राज्य सरकार के एचडीपीई वर्मी बेड वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद राय व विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के अनुज विक्रम पत्रलेख थे। इसके अलावा जियाखाड़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि लालू मिश्रा, दौंदिया पंचायत के पूर्व मुखिया राजाउद्दीन अंसारी, संजय यादव, लाभार्थी किसान व वार्ड सदस्य का सम्मान आयोजकों की ओर से पुष्प गुच्छ देकर व माला पहनाकर किया गया। मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उपेंद्र प्रसाद राय ने कहा कि झारखंड सरकार का प्रतिनिधि करने वाले क्षेत्र के विधायक सह कृषि मंत्री बादल पत्रलेख किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। आज महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किसानों को परंपरागत कृषि की ओर आकर्षित करने के लिए वर्मी बेड वितरण का कर बड़ा तोहफा सरकार की ओर से दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति कृषि मंत्री बेहद संवेदनशील और मंत्री पद का दायित्व संभालने के बाद किसानों के कृषि लोन माफी सहित कई बड़े कदम उठाने का काम किया है। जबकि कार्य व्यस्तता  के कारण उनकी कमी को दूर करने का काम क्षेत्र में उनकी अनुपस्थिति में कृषि मंत्री के अनुज विक्रम पत्रलेख लगातार ग्रामीणों व किसानों के संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं को हल कराने का काम कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि कृषि लोन हर बार माफ नहीं होता है इसलिए किसान लोन लेने के बाद समय पर उसे चूका कर अपना आर्थिक विकास करें। सरकार की ओर से दिए जाने वाले वर्मी बेड का सदुपयोग कर किसान जैविक खेती को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर बने। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि विक्रम पत्रलेख ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। किसान सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपना आर्थिक विकास करें। राज्य सरकार परंपरागत कृषि को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है और कृषि मंत्री लगातार क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के सहयोग से किसानों व ग्रामीणों के संपर्क में रहकर समस्याओं की जानकारी लेकर उसका हल करने को काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान हमारे देश की आर्थिक रीढ़ है। जबकि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन के बावजूद भी तीन काला कृषि कानून को वापस नहीं ले रही है। केंद्र सरकार की अकर्मण्यता के खिलाफ देश में आक्रोश है। जबकि कांग्रेस पार्टी किसानों के आंदोलन का साथ दे रही है। राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी दिल्ली के रोड किसान नेता राकेश टिकैत से मिलकर रात भर टेंट में उनके साथ बिताने का काम किया है। आज कृषि मंत्री के कारण किसानों की अधिकांश समस्याओं का हल किया जा रहा है।  मौके पर आदिति संस्था के अनिल कुमार ने किसानों को दिए वाले वर्मी बेड का उपयोग कर वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंच संचालन श्याम मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में टीम बादल के सक्रिय कार्यकर्ता लालू यादव, राकेश कुमार, चंद्रकांत कुमार, पलटन यादव, सरफुद्दीन अंसारी, महेंद्र यादव, गुलशन यादव, शाहिद अंसारी, तेतरी देवी व  आदिति संस्था के लोग ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

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