जिले के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर जल्द करें नियुक्ति की प्रक्रियाः-उपायुक्त



उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज दिनांक-08.10.2021 को जिला अन्तर्गत चल रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया। इस दौरान उपायुक्त ने प्रखण्डवार तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों व प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को सख्त निदेशित करते हुए कहा कि 194 पंचायत अन्तर्गत लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए तय समय के अनुरूप तक पहली किस्त की राशि लाभुकों के खातों में हस्तांतरित करें, ताकि तय समय के अनुरूप योजना के लाभ से जोड़ा जा सके। आगे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों व प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग कार्य प्रणाली में सुधार लाने का निदेश दिया।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपयुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने जिला अन्तर्गत विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निदेशित करते हुए कहा कि जिला स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया को जल्द से जल्द करें। वहीं आवश्यकतानुसार बहाली की प्रक्रिया हेतु कार्मिक विभाग को पत्राचार करने का निदेश उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ हीं आपूर्ति से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए सोना-सोबरन धोती साड़ी योजना, ग्रीण कार्ड आदि को लेकर चल रहे कार्यों की वास्तुस्थिति से अवगत हुए। साथ हीं जिले के वैसे राशन कार्डधारियों पर सख्त संज्ञान लेते हुए उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया कि जिला स्तर पर सघन जांच अभियान का आयोजन करते हुए अवैध या गलत तरीके से राशनकार्ड का लाभ ले रहे लोगों को चिन्हित कर कड़ी करवाई करते हुए अनाज की वसूली का 10 प्रतिशत ब्याज के साथ करें, ताकि जरूरतमंद लोगों को राशनकार्ड से लाभान्वित किया जा सके। आगे उपायुक्त ने राजस्व भू-हस्तांतरण से जुड़े मामलों के अलावा डीएमएफटी, समाज कल्याण, एवं जिले में 21 छात्रावास के जीर्णोद्धार के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक उचित दिशा-निर्देश दिया गया। वहीं जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों व प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को निदेशित किया कि इन सभी से जुड़े मामलों को लंबित न रखें। साथ हीं उपायुक्त ने जिले के जिन प्रखण्डों में बारिस से लोगों के घर गिरे हैं उनका जल्द से जल्द सर्वे करवाकर मुआवजा की राशि प्रदान करें।

■ जिले में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से जोड़ें महिलाओं व युवाओं कोः-उपायुक्त....

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री जिले में चल रहे मुख्यमंत्री रोजगार श्रृजना योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी व योजना का प्रचार-प्रसार करने का निदेश दिया। इस दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि आत्मनिर्भर समाज बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवाओं को न सिर्फ सस्ते दरों पर ऋण उपलब्ध करवायेगी, बल्कि उसमें 40 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जा रहा है। यह योजना अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजनों के लिए है। इस योजना के तहत बेरोजगार नौजवानों को यात्री परिवहन आदि के लिए वाहन खरीदने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं 25 लाख रुपये तक लोन का प्रावधान किया गया है। इस कर्ज पर सरकार की ओर से 40 प्रतिशत या अधिकतम 5 लाख रुपये तक सरकार अनुदान देगी। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये तक के लोन पर किसी गारंटी की जरूरत नहीं है। इसके लिए उम्र सीमा 18 वर्ष से 45 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आवेदक के लिए जरूरी शर्त के तौर पर झारखंड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। साथ ही परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारी जिले के सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ज्यादा से ज्यादा योजना से जुड़ने का कार्य करें, ताकि आत्मनिर्भर समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सके।

■ मुख्यमंत्री पशुधन योजना का शत प्रतिशत क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश....

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जनकल्याण के लिए सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजना को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के सृजन, पशु उत्पादकता में वृद्धि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ीकरण के लिए पशुधन विकास योजना से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ें, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। साथ हीं योजना प्रचार-प्रसार करते हुए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अंतर्गत गौ पालन, बकरी पालन सुकर पालन, कुक्कुट पालन एवं बत्तख पालन आदि महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारियों से लोगों को अवगत कराएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग योजना का लाभ ले सके। आगे उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि यह योजना ग्रामीण विकास, कल्याण विभाग तथा कृषि एवं पशुपालन विभाग के कन्वर्जेन्स से झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही है। इसमें सरकार किसानों को पचास से लेकर नब्बे और शत प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। आगे उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का लाभ पात्रता रखने वाले योग्य लाभुकों को मिले, इसका विशेष रूप से ध्यान रखें, ताकि पारदर्शिता के साथ एवं सुचारू रूप से मुख्यमंत्री पशुधन योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही उन्होंने इस योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा बकरा विकास योजना, सुकर विकास योजना, बैकयार्ड लेयर कुक्कड़ पालन योजना, ब्रायलर कुक्कड़ पालन योजना एवं बत्तख चूजा वितरण योजना के तहत किये गए कार्याे की वस्तुस्थिति से अवगत हुए।

■ पालोजोरी व सोनारायठाढ़ी में जल्द शुरू करें मत्स्य बाजारः-उपायुक्त....

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने सोनारायठाढ़ी व पालोजोरी प्रखण्ड अन्तर्गत बन चुके मत्स्य बाजार को लेकर संबंधित अधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि बाजार समिति से इसे जोड़ते हुए इसका संचालन व रखरखाव कराना सुनिश्चित करते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत करायें। इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न प्रखण्डों में कोल्ड स्टोरेज, सोलर पार्क व पोटो हो खेल विकास योजना के तहत पंचायतों में बनने वाले खेल मैदान के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों व प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जल्द से जल्द कार्यों को दुरूस्त करने का निदेश दिया। आगे उपायुक्त ने भू-अर्जन से संबंधित शंकरपुर-जसीडीह के बीच उपरी पुल का निर्माण, मधुपुर आरोबी निर्माण, रिखिया मोहनपुर पथ आदि के तहत विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता को कड़े शब्दों में निदेशित करते हुए कहा कि आपसी समन्वय के साथ चल रहे कार्यों में गति लाने की आवश्यकता है अन्यथा कार्य में कोताही या स्थिलता बरतने पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

■ ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण से कार्यों में लाए तेजीः-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री....

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने ई-श्रम पोर्टल के तहत पंजीकरण को लेकर चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मनरेगा, नरेगा, स्वयं सहायता समूह की दीदियों, आंगनबाड़ी सेविका व सहिया को पोर्टल से जोड़ने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ हीं प्रचार-प्रसार के साथ असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करने लिए उन्हें जागरूक करने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया। आगे उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के नेशनल डाटाबेस आफ अन-आर्गेनाइज्ड वर्कर्स कार्यक्रम के तहत कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से यह कार्य किया जा रहा है। ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण बिल्कुल निरूशुल्क है। ऐसे में  पंजीकरण उपरांत श्रमिकों व मजदूरों के यूनिक आई-कार्ड बनाए जाते हैं। इस यूनिक आइडी कार्ड बनते ही असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित सरकार की ओर से दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मिलता है। इसका एक साल का खर्च भी सरकार स्वयं ही वहन करती है। यूनिक आई-कार्ड के माध्यम से श्रमिकों की विभिन्न गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं उसे भी आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी। साथ हीं सरकार रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकेगी। उपायुक्त ने कहा कि असंगठित श्रमिकों व मजदूरों के पंजीकरण के लिए आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए। पंजीकरण के लिए आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर, बैंक पासबुक की फोटो कापी व मोबाइल फोन नंबर होना अनिवार्य है। आगे बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री नें पंचायत चुनाव को लेकर चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों व प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को कड़े शब्दों में निदेशित करते हुए कहा कि चुनाव से जुड़े आवश्यक कार्यों के अलावा निर्वाचन से संबंधित सभी कार्यों को ससमय पूर्ण करने का निदेश दिया। साथ हीं आने वाले त्योहारों को देखते हुए उपायुक्त ने वरीय अधिकारियों एवं सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी व अंचलाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष रूप से निगरानी करते रहें, ताकि विधि-व्यवस्था व सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनी रहे।  

इस दौरान उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त  संजय सिन्हा, अपर समाहर्त्ता श्री चन्द्र भूषण प्रसाद सिंह, वन प्रमण्डल पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, श्रम अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला भू संरक्षण पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण निगम, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमण्डल, कार्यपालक अभियंता एन०आर०ई०पी०, जिला अभियंता जिला परिषद, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम, दुमका द्य अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला खनन पदाधिकारी, सहायक निदेशक , सामाजिक सुरक्षा, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमण्डल, कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी, जिला सामान्य शाखा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, व सभी अंचलाधिकारी, डीसी सेल के प्रतिनियुक्त अधिकारी, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी व संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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