ग्रामीणों के साथ उपायुक्त व जिले के अधिकारियों ने किया पत्तल से बने दोना प्लेट में सुबह का जलपान



उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री द्वारा देवघर प्रखण्ड के खोरीपानन पंचायतों का निरीक्षण कर स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा किये जा रहे कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान खोरीपानन पंचायत की स्वयं सहायता समूह की दीदियों से उपायुक्त ने मुलाकात कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों व काम करने में आने वाली समस्याओं से अवगत हुए। साथ हीं दीदियों द्वारा बनायी जा रही पत्ते के प्लेट, दोना, विभिन्न प्रकार के थाली को देखकर उपायुक्त ने दीदियों की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी का यह प्रयास आपके गांव व पंचायत को एक नयी पहचान दिलाने का काम कर रही है। 

इसके अलावे निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा मंदिर एक बार फिर से श्रद्धालुओं के खोला जा चुका है। वहीं मंदिर प्रांगण व आस-पास के ईलाकों को थर्माेकॉल मुक्त क्षेत्र बनाया जा रहा है। साथ हीं शहरी क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने की शुरूआत की गयी है। ऐसे में आप सभी के साहयोग से थर्माेकॉल व प्लास्टिक के जगह पत्तों के बने प्लेट, थाली, दोना आदि का उपयोग बढ़ जायेगा, जिसके बाद आप सबों को जिले में ही बेहतर बाजार भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करा दिया जायेगा। आज आप सबों के कार्य करने के जजबे को देखकर यह कहा जा सकता है कि महिलाएं न सिर्फ स्वरोजगार के माध्यम से स्वाबलंबी बन अपने परिवार का भरन-पोषण भी कर रही है। इसके साथ ही अपनी मेहनत के जरीये अन्य महिलाओं के प्रेरणा स्त्रोत बन रही है। इस दौरान उपायुक्त ने जेएसएलपीएस के अधिकारियेां को निदेशित किया कि जिले में इस रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह की दीदियों को जोड़ने का कार्य लगातार करते रहें, ताकि प्रत्येक प्रखण्ड की दीदियों को इससे जोड़ा जा सके। 

■ पत्तों के बने प्लेट, दोना, थाली से अच्छी आमदनी....

उपायुक्त से बातचीत के क्रम में स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा बतलाया गया कि वे लोग घर के काम-काज के बाद खाली बैठी रहती थी। खाली वक्त में कोई काम नहीं रहता था। लेकिन पत्तों से बनने वाले प्लेट, दोना विभिन्न प्रकार के थाली आदि के कार्यों को अपनाने के बाद न सिर्फ बेकार समय व्यवस्तता के बीच गुजरता है, बल्कि अच्छी आमदनी भी होती है। घर-परिवार खुशहाल है। बच्चों की पढ़ाई व रहन-सहन में काफी बदलाव आया है। पहले एक आदमी कमाता था उसी से गुजर चलता था, लेकिन अब दो लोगों की कमाई हो रही है। 

इसके अलावे उपायुक्त ने निरीक्षण के क्रम में जेएसएलपीएस की टीम को निदेशित किया कि स्वयं सहायता समूह की दीदियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में और भी बेहतर कार्य करते हुए सभी को देवघर मार्ट से जोड़ें, ताकि सभी समूह की दीदियों को बेहतर विकल्प दिया जा सके। 

■ जिला, प्रखंड, पंचयात स्तर के अधिकारी व कर्मियों के सहयोग से ईको फ्रेंडली कॉन्सेेप्ट के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक- उपायुक्त....

इसके अलावे निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रामीणों के साथ दोना-पत्तल से बने प्लेट-कटोरी में जलपान किया, ताकि एक सकारात्मक सोच के साथ सभी की जनभागीदारी इसमें सुनिश्चित की जा सके। आगे उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस सकारात्मक पहल में सहयोग को लेकर स्वयं सहायता की दीदियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी इस कड़ी से अपने आप को जोड़ते हुए पत्तो से बने दोना, प्लेट और कटोरी में भोजन कर प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने की दिशा में जिला प्रशासन का सहयोग करें। साथ हीं आत्मनिर्भर समाज और अपने पुराने जीवनशैली को अपनाने की अपील करते हुए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि कोई समय था जब शादी या किसी समारोह में विभिन्न प्रकार के पेड़ों के पत्तों से बनने वाले दोना-पत्तल का प्रयोग खाना परोसने के लिए किया जाता था। पिछले कुछ दशकों से इनका प्रचलन लगभग समाप्त हो गया है। कारण कुछ भी रहा हो लेकिन इनका स्थान लिया थर्माकोल और प्लास्टिक से बनने वाले दोना-पत्तलों ने। लेकिन आज के समय में थर्माेकोल से बने सामान होने वाली अनेक बीमारियों का मुख्य कारण है। ऐसे में आवश्यक है कि ईको फ्रेंडली कॉन्सेेप्ट की दिशा में सभी लोग पत्तों से बने दोने-पत्तलों का उपयोग कर इस दिशा में दूसरों को सोचने के लिए जागरूक करें।

■ महिलाओं को सशक्त करना हमारी प्राथमिकता-उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री.....

इसके अलावे उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने जेएसएलपीएस के अधिकारियों को निदेशित किया कि वर्तमान में थर्माेकॉल व प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में वैकल्पिक व्यवस्थाओं सुदृढ़ करने के उदेश्य से ज्यादा से ज्यादा सखी मंडल की दीदीयों को इससे जोड़ा जाय। इससे रोजगार के नये अवसर पैदा होगें एवं उनके आय के स्त्रोत में वृद्धि आयेगी। साथ हीं प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से इन पत्तों से बने पत्तल, दोना, प्लेट का उपयोग भी पर्यावरण के लिए बेहतर रहेगा। एक तरफ जहां प्लास्टिक के मुकाबले इससे पैसे की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर इन पत्तलों के निष्पादन में आसानी भी हो रही है।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी  रवि कुमार, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी देवघर जितेन्द्र कुमार यादव एवं डीपीएम जेएसएलपीएस, डीसी सेल के सुश्री अमृता सिंह,  किरन छापा, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी  रोहित कुमार विद्यार्थी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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