यूनाइटेड किंगडम की महारानी ने वूमेन ऑफ द एरा पुस्तक के लिए डॉ. प्रदीप को भेजी शुभकामनाएँ



देवघर : सन 2019 में भारत सरकार के संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद के करकमलों से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अपने शहर के डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव द्वारा इस लॉक डाउन की अवधि में स्वरचित काव्य संकलन 'वूमेन ऑफ द एरा' का प्रकाशन कोलकाता के एशियान प्रेस बुक्स द्वारा पिछले जून में हुआ। डॉ. देव ने इस पुस्तक को यूनाइटेड किंगडम की महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय को डाक द्वारा समर्पित की। उन्होंने पुस्तक प्राप्ति के बाद अपने कॉरेस्पोंडेंस मैनेजर सेलिया गूय द्वारा डॉ. प्रदीप को अपनी शुभकामनाएँ  प्रेषित की। उन्होंने डॉ. देव को लिखा कि इस पुस्तक की कमाई से होने वाली राशि से जो अनाथालय एवं वृद्धाश्रम खोलने का निर्णय लिया है, वह सराहनीय है। ज्ञात हो कि डॉ. प्रदीप ने चार वर्ष की उम्र में उनके पिता ने वैराग्य लिया और सन 1997 को उनकी माँ भी उसी राह पर चल दी। उन्होंने बचपन से पितृहीन अनाथ की जिंदगी को बहुत नजदीक से देखा। माँ की ममता से भी बहुत जल्द वंचित हो गया। इसलिए उनकी तमन्ना है कि मरने के पहले एक वृद्धाश्रम और अनाथालय की स्थापना करें जहाँ मैं सैंकड़ों माताओं की सेवा कर सकें तथा असहाय विद्यार्थियों को पढ़ाकर नवोदय जैसे सरकारी विद्यालयों में दाखिला दिला सकें। इस पुस्तक से काफी उम्मीदें बनी हुई है। ज्ञात हो डॉ. देव छातना राजगढ़, बाँकुड़ा, पश्चिम बंगाल एवं इसी राज्य के काशीपुर पँचकोटि राजबाड़ी के वंशज हैं जिन्होंने अपने जन्म के पहले ही पाँच भाइयों को भी खो चुके हैं। उनकी पुस्तक द बैद्यनाथ ग्लोरी, पारो की याद में, आर्टिस्ट्स ऑफ द नेशन, रामानुजन मैथेमेटिक्स फॉर्मूला फ़ॉर जूनियर्स, सी. वी. रमन साइंस डिक्शनरी, गुड़ इंग्लिश काफी चर्चित है। डॉ. देव को भारत गौरव, विद्यासागर, विद्या वारिधि, भारतीय कला सपूत, सरस्वती पुत्र, वाग्देवी अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार, भारतीय कला सपूत सम्मान, तुलसीदास राष्ट्रीय शिखर, स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय शिखर, बिरसा मुंडा ज्योति सम्मान के अलावा दर्जनों मानद उपाधि प्राप्त हो चुकी है। डॉ. देव ने इस पुस्तक का लोकार्पण किन्हीं राष्ट्रप्रधान से सम्पन्न कराने की इच्छा जाहिर की। पुस्तक में प्रायः सभी देशों की ख्यातिप्राप्त महिलाओं की देन को कविताओं में दर्शाई गई है। उन्होंने इस पुस्तक के प्रकाशन में अपने सभी विद्यार्थियों, शुभेच्छुओं के साथ-साथ श्यामनगर, पश्चिम बंगाल के करीबी मित्र राजर्षी भौमिक के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह अमेजन में उपलब्ध  है। इस पुस्तक में विश्व की श्रेष्ठ 201 महिलाओं की कृति काव्यरुप में लिखी हुई है।

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