नन्हीं सी जान की पहली पहचान जन्म प्रमाण पत्रः-उपायुक्त



उपायुक्त सह जिला दण्डाकारी  मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार आज दिनांक 01.10.2021 को सूचना भवन सभागार में जिला स्तरीय जीवनांक (जन्म-मृत्यु) सांख्यिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला सांख्यिकी पदाधिकारी  कमलेश कुमार द्वारा जानकारी दी गयी कि जन्म-मृत्यु निबंधन क्यों जरूरी है। साथ ही जन्म-मृत्यु निबंधन में होने वाली समस्याओं को दूर करने की जानकारियों के अलवा विभिन्न प्रपत्रों को भर कर आवेदन करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से सभी को अवगत कराया। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गयी कि जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 के प्रावधानों के तहत किये जाने वाले कार्यों की जानकारी सभी को दी गयी। आगे जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र लेना बच्चे का प्रथम वैधानिक अधिकार और पहचान पत्र है। जनसंख्या और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों में भी इनका महत्व है। जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया के तहत घर के मुखिया या सगा संबंधी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या कोटवार को घर में जन्म-मृत्यु घटित होने पर, गांव के मामले में गांव के मुखिया द्वारा जन्म-मृत्यु होने पर पंचायत सचिव (उपरजिस्ट्रार) को घटना घटित होने के 21 दिन के अंदर सूचना देना आवश्यक है। अस्पताल या अन्य संस्थाओं में जन्म-मृत्यु होने पर अस्पताल संस्थाओं के प्रभारी द्वारा जिला रजिस्ट्रार को सूचना दिया जाना है। नगरीय क्षेत्र में नगरीय निकायों के अधिकारी रजिस्ट्रार के रूप में काम करते हैं। निजी अस्पतालों द्वारा नगरीय निकायों के रजिस्ट्रार को उनके अस्पताल में हुए जन्म-मृत्यु की सूचना दी जानी है। वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय जीवनांक से संबंधित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी-सह-रजिस्ट्रार, अनुमण्डलीय अस्पताल, मधुपुर के रजिस्ट्रार, नगर निगम, देवघर, नगर परिषद, मधुपुर के रजिस्ट्रार/प्रखण्ड-देवघर, करौं एवं देवीपुर के सभी पंचायत सचिव तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय-देवघर, करौं एवं देवीपुर के कर्मियों को विस्तृत रूप से इस संबंध में जानकारी दी गयी। साथ हीं प्रशिक्षण में सभी नियम एवं धारा से संबंधित विस्तृत चर्चा की गयी।  प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र ससमय निर्गत करने एवं शतप्रतिशत ऑनलाईन के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी करने हेतु आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया गया। साथ ही कोविड-19 से मृत व्यक्तियों की सूचना प्राप्त करने तथा मृतक के निकटम परिजन द्वारा मांगे जाने पर मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र फॉरम-4/4। में उपलब्ध कराने का निदेश है, लेकिन मृतक के परिजन फॉरम-4/4। में संतुष्ट नहीं रहते है तो Ministry of Health & Family welfare & Indian council of Medical Research Guidelines for Offical Documents for Covid-19 Death (Issued in Complinance to the Hon'ble Supreme Court order deated) द्वारा दिये गये गाईडलाईन के अनुसार सरकार द्वारा जिला स्तर पर गठित समिति के द्वारा कोविड-19 से मृत्यु का प्रमाण पत्र में शामिल एनेक्सर-2 में दिया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावे सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी-सह-रजिस्ट्रार/रजिस्ट्रार अनुमण्डलीय अस्पताल मधुपुर/रजिस्ट्रार नगर निगम, देवघर/रजिस्ट्रार नगर परिषद, मधुपुर, प्रखण्ड देवघर, करौं एवं देवीपुर के सभी पंचायत सचिव सह-रजिस्ट्रार तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय, देवघर, करौ, देवीपुर, मोहनपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय के कर्मचारी आदि उपस्थित थे।


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