मजदूर संगठन नेता मोहम्मद सेराज पर लद्दाख में काम कर रहे मजदूरों से 500 रुपये लेने का आरोप को बताया फर्जी, आरोप लगाने वाले जलील अंसारी ने मजदूर नेता को पहचानने से किया इनकार ,कहा मेट बनाने का लालच देकर मुझसे फर्जी तरीके से लिया गया था हस्ताक्षर



दुमका जिला के मजदूरों के मसीहा मजदूर नेता मोहम्मद सेराज पर जम्मू कश्मीर के लद्दाख में कुछ मजदूरों ने  प्रति मजदूर से 500 रुपये की मांग की बात कही थी इसके साथ रुपया नही देने पर काम से निकलवा देने की धमकी देने की बात भी सामने  आयी थी इस सम्बंध में मेटो ने अनुमंडल पदाधिकारी से न्याय की गुहार भी लगाई है लेकिन इस मामले को जब मीडिया ने गम्भीरता से लिया मामला कुछ और ही सामने आया है शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सिवतल्ला गांव के रहने वाले मजदूर नेता मोहम्मद सेराज पर जो आरोप लगाया था वह फर्जी निकला आरोप लगाने वाले जलील अंसारी दुमका जिला के छलापाथर गांव के रहने वाले है।जलील अंसारी से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि मोहम्मद सेराज को हम नही जानते है हालाकिं सोसल मीडिया पर मोहम्मद सेराज का नाम सुना था लेकिन  न ही हमने उसके खिलाफ किसी जगह पर कोई मामला दर्ज किए है। और न ही कभी नेता सेराज ने हमसे रुपया मांगा है। इस सम्बंध पर अधिक जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम छैलापाथर के रहनेवाले  अकरम अंसारी  और  के अलीउद्दीन अंसारी  ने मुझसे कहा था कि मेट बना देंगे और मुझसे कोरे कागज पर  हस्ताक्षर ले लिया था जल्दबाजी में हमने उसके द्वारा दिए गए कागज पर हस्ताक्षर कर दिया था क्योंकि मेरा बच्चा अस्पताल में भर्ती था अकरम अंसारी दुमका के छलापाथर का रहने वाला है और अलाउद्दीन अंसारी दुमका जिला के धनबारी गांव का रहनेवाला है  दोनों व्यक्ति साथ में आया था और दोनों ने मुझसे कहा था कि तुमको मेट बना देंगे इस कागज़ पर हस्ताक्षर करो और हमने कोरे कागज पर हस्ताक्षर कर दिया था मजदूर नेता मोहम्मद सेराज द्वरा पैसा मांगे जाने पर कहते है कि उन्होंने कभी भी आज तक कोई रुपया हमसे नही मांगा है और न ही हमने उसके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज किए है अकरम अंसारी और अलाउद्दीन अंसारी द्वारा मजदूर नेता  मोहम्मद सेराज को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 


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