निगम के प्रायःसभी वार्डों के घरों में घुसा नाला का पानी





देवघर-आख़िर कार निगमवासी नगर निगम की ढुलमुल नीति और अनदेखी का शिकार हो ही गए।लगातार हो रही बारिश का पानी निगम क्षेत्र के प्रायः सभी वार्डों और मुहल्ले के घरों में प्रवेश कर गया है,लोगों का जीवन पूरी तरह से नारकीय हो गया है।किसी किसी वार्ड में तो नाली का गंदा पानी उनके घरों के अंदर बेडरूम सहित किचन में प्रवेश कर गया है लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा था आख़िर वे करें तो क्या करें?

सिर्फ़ निगम को कोसते हुए उन्हें धिक्कार रहे थे और यह कहने से भी गुरेज नहीं कर रहे थे कि जन प्रतिनिधि सहित निगम के अधिकारी सभी बिके हुए हैं लोगों से सिर्फ़ जज्जिया टेक्स लेनें के लिए देवघर को नगर निगम बनाया गया है व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं?पूरे निगम क्षेत्र में कहीं भी जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।सिर्फ़ नाली निर्माण के नाम पर खाना पूर्ति किया गया है।

इतना ही नहीं जहां जहां नाला निर्माण करवाया गया है उक्त जगहों से भी पानी बाहर निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है आख़िर निगम वासी निगम कार्यालय को किस बात का टैक्स देते हैं सिर्फ़ यह बताने के लिए की वे निगम क्षेत्र में रहते हैं।किसी किसी वार्डों के घरों में तो लोग कुर्सी टेबल चौकी आदि पर खड़े रहकर घर से पानी निकलने का इंतज़ार कर रहे थे।

वहीं नीलकंठ मुहल्ले के लोग तो निगम कार्यालय को नर्कखाना की संज्ञा देते हुए कहते दिखे नीचे से ऊपर तक सिर्फ़ घूसखोरी है काम कुछ भी नहीं होता।बहरहाल निगम वासियों की नारकीय स्थिति देख कर गांव के लोग कह रहे होंगे शहर वासियों से अच्छी जिंदगी हमारी है।देखना होगा निगम को शर्म आती है कि निगम वासियों को?

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