सप्ताहिक हाट से वापस घर लौट रहे युवक का फिल्मी अंदाज में हुआ अपहरण



दुमका शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे आपराधिक मामलों ने पुलिस को एक बार फिर कटघड़े में खड़ा कर दिया है  अपराध घटने की वजह शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़ रहे है लूट, हत्या डकैती और अपहरण जैसे मामले लगातार बढ़ रहे है जिसके चलते आम जनता दहशत में है दिन के उजाले में हो या रात के अंधेरे में यहाँ अपराधियों के लिए समान है । एक ऐसा मामला सामने आया है जो बिल्कुल फिल्मी अंदाज़ की तरह है बीते दिन शाम के करीब 6 बजे शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के पाटो शिमल गांव के रहने वाले एक व्यक्ति साइमन बास्की को कुछ अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया है। जिसकी शिकायत अपहरण यूवक के परिजनों ने शिकारीपाड़ा थाना में किया है बताया जाता है  कि साइमन बास्की पहले की तरह इस बार भी शिकारीपाड़ा में लगने वाली सप्ताहिक हाट बाजार करने के लिए गए थे उसके पास एक साइकिल थी और उसी पर सवार होकर गए हुए थे लेकिन जब हाट बाजार करने के बाद वापस जब लौटकर आने लगा तो रास्ते में भुगतान डीह एक पुलिया पड़ता है उसी जगह पर एक अज्ञात बोलेरे वाहन पर सवार कुछ बदमाशों ने साइमन बास्की  को रोककर पूछताछ करने लगा और जबरन गाड़ी पर बैठाने लगा जिससे साइमन बास्की चिल्लाने लगा उसके पीछे जा रहे एक यूवक ने  जब आवाज़ सुनी तो  वो  भी शोर मचाना शुरू कर दिया इससे आगे कुछ समझ पाता इससे पहले अपराधकर्मियों ने साइमन बास्की को लेकर फरार हो गया  वारदात को होते कुछ ग्रामीणों ने भी देखा था और साईमन बास्की की साइकिल गिरा हुआ मिला था जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने उसके परिजनों को दिया इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस छानबीन में जुट गई थी और अपहरणकर्ताओं की तलाश लगातार कर रही थी  आक्रोशित ग्रामीणों ने शिकारीपाड़ा थाना का घेराव कर रख था तत्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुबह के करीब 5 बजे साईमन बास्की और बोलेरो को मुर्शिदाबाद पर बरामद कर लिया है किस उद्देश्य से साइमन बास्की  का अपहरण किया गया था यह  फिलहाल रहस्य रह गया है क्योंकि अपराधि  पुलिस को धूल झोंकने में कामयाब हो गए है पुलिस अभी फिलहाल जांच कर रही है पीड़ित यूवक साइमन बास्की अभी सुरक्षित है और थाने पर है उससे पूछताछ करने पर कहते है कि मेरे सर पर गमछा बांध दिया था और गला दबा रहा था इसके बाद मुझे मुरसीदा बाद के मालदाह में रखा था और मेरे दोनों हाँथ पेर बांध दिया था मेरे सर और हाँथ पेर  पर कपड़ा बंधा होने से मुझे कुछ नज़र नही आ रहा था और मेरे साथ पूरा मारपीट कर रहा था जब पुलिस ने मेरी पट्टी खोली तो कोई अंजान जगह नज़र आया और चारो तरफ पानी था हैरान कर देने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बावजूद भी पुलिस की आंखों से अपराधी बच निकलते है पुलिस को सिर्फ बोलेरो और पीड़ित युवक मिलता है।

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