जमुआ में सेवा निर्वित शिक्षको को किया गया सम्मानित।



जमुआ के गोलोडीह उत्क्रमित मध्य विधायक में शनिवार को सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि जमुआ विधायक केदार हाजरा, एसडीएम धीरेन्द्र कुमार सिंह की उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जमुआ विधायक केदार हाजरा ने कहा कि शिक्षकों की पीड़ा को मैं समझता हूँ। सरकार से बात करके उसके निराकरण का प्रयास भी करता रहता हूँ। इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया गया है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपकी बातों को मैं उचित आसन तक ले जाने का प्रयास करूंगा। आप कभी निराश न हो। आप वो हैं जिनकी गोद से विवेकानंद, अब्दुल कलाम पैदा हुए हैं। आप अपने विद्यालय के मालिक हैं। आप से यदि खिचड़ी और भवन निर्माण के लिए पूछा जाता है तो आप इसको अन्यथा न लें। आप इस क़ाबिल हैं कि आप सभी चीजों को संभाल सकते हैं। यह आपका बड़प्पन है कि आप शिक्षण कार्य के अलावा अन्य चीजों को भी संभाल लेते हैं। 


खोरीमहुआ एसडीएम धीरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक इस धरा के निर्माता है। शिक्षक की गोद में हीं निर्माण और प्रलय पलता है। शिक्षकजनों को तमाम तरह की स्वतंत्रता शिक्षा को लेकर मिलनी चाहिए। शिक्षक यदि स्वतंत्र न रहे तो असली शिक्षा बाधित होती है। मैं भी सरकारी विद्यालय का छात्र रहा हूं। सरकारी विद्यालय का कष्ट और पीड़ा को समझता हूं। मेरे स्तर से यदि कोई परेशानी हो तो मुझे अवश्य बतावें जो मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर की चीजों को मैं उचित टेबल तक ले जाने का कार्य मैं करता रहता हूं। निवेदन और निर्देश यह भी रहेगा कि ब्यक्ति खुद का मूल्यांकन भी करते रहना चाहिए। तभी हम सुधरेंगे, तभी समाज सुधरेगा, तभी देश और संसार सुधरेगा। कार्यक्रम को डीएसई अरविन्द कुमार, कामेश्वर पासवान, बिजय चौरसिया, प्रदीप हाजरा, मैनेजर सिंह, जागेश्वर महथा, बीडीओ अशोक कुमार, सीओ द्वारिका बैठा, जमुआ पुलिस इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, जमुआ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार दास, अजित कुमार, मनोज कुमार, उदय शंकर, गिरीश राय, राजीव कुमार, उमेश चौधरी, अनिल कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, सबिता मिश्रा, कंचन कुमारी, रीता देवी, सहदेव शर्म,  इत्यादि ने भी संबोधित किया। सेवानिवृत शिक्षकों में मुख्य रूप से निर्मल राय, प्रितम प्रसाद महतो, विश्वनाथ प्रसाद वर्मा, जगदीश महतो, मो हाकिम जान, रीतलाल महतो, नेमचंद बैठा, बासुदेव महतो, मो. बसीर, पितंबर यादव, अरुण कुमार, मो. लुकमान इत्यादि को अंग वस्त्र, प्रशस्ति-पत्र, डायरी और गीता की पुस्तिका देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण यादव के द्वारा किया गया।

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