माननीय मंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण-दिलीप राय



देवघर -एकीकृत गृह जिला स्थानांतरण शिक्षक संघ के प्रदेश प्रभारी दिलीप कुमार राय ने वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव द्वारा  सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल नहीं है, प्राईवेट प्राइवेट स्कूल के संचालक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के प्रति गंभीर हैं जबकि सरकारी शिक्षकों में कोई उत्सुकता नजर नहीं आती है प्राइवेट स्कूल नहीं होते तो आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में झारखंड पिछड़ जाता यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बयान है एवं इसकी निंदा की है ।माननीय मंत्री जी को जानकारी होना चाहिए की राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे परीक्षा 2018 में झारखंड राज्य को पूरे देश में चौथा स्थान हासिल हुआ था । 

कोरोना काल में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए  ऑनलाइन शिक्षा मुहैया कराने के लिए झारखंड सरकार के द्वारा डीजी साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जो अभी तक संचालित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के निर्देश एवं मार्गदर्शन में बच्चों को प्रत्येक दिन डिजिटल कंटेंट भेजा जा रहा है।  संसाधन विहीन होने के बावजूद भी काफी अच्छी उपलब्धि रही।

सरकारी विद्यालयों में शिक्षक एवं पारा शिक्षक पठन-पाठन के अलावा दर्जनों गैर शैक्षणिक काम करते हैं सरकारी विद्यालय में कार्यरत सरकारी शिक्षक पारा शिक्षक न जाने कितने तरह के गैर शैक्षणिक कार्य करते हैं अगर शिक्षकों को सिर्फ शैक्षणिक कार्य के लिए छोड़ दिया जाए तो पूरे देश में झारखंड राज्य शिक्षा के क्षेत्र में नंबर वन होगा माननीय मंत्री महोदय ने सरकारी शिक्षक एवं सरकारी स्कूलों  के प्रति जो बयान दिया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सरकार की विफलता को दर्शाता है।

मंत्री रामेश्वर उरांव का बयान सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों-पारा शिक्षकों का मनोबल गिराने वाला है साथ सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों एवं उनके अभिभावकों का अपमान है। मंत्री जी को अविलंब बयान वापस लेना चाहिए।

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