नहीं बढ़ी ट्रांसपोर्ट मजदूरों की मजदूरी ,आज से हड़ताल शुरू!



विभिन्न ट्रांसपोर्ट कम्पनियों में लोड-अनलोड का काम करने वाले मजदूरों ने बीते 3 सितम्बर को लिखित आवेदन देकर ट्रांसपोर्ट प्रबंधन से मजदूरी दर में 50/- ₹ प्रति टन या 500/- ₹ प्रति ट्रक बढ़ोतरी करने का निवेदन किया था। साथ ही 5 से 10 एचपी के मशीन को लोड करने में 100/- रुपये व अनलोड करने में 50/- रुपये की बढ़ोतरी करने की भी मांग की थी। किन्तु ट्रांसपोर्ट प्रबंधन ने मजदूरों की मांगों को अनसुना कर दिया। मजबूरन ट्रांसपोर्ट मजदूरों को आज से लोड-अनलोड का काम-काज बन्द कर हड़ताल पर जाना पड़ा। हड़ताल शुरु करने की सूचना श्रम अधीक्षक, भागलपुर एसडीओ व संबंधित थाना प्रभारियों को भी दी गयी है। आज सुबह करीब 10 बजे से हड़ताल की शुरुआत करते हुए मजदूरों ने बारी-बारी से सभी ट्रांसपोर्ट कम्पनियों के समक्ष पहुंच कर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठित कामगार महासंघ की शाखा : ट्रांसपोर्ट मजदूर यूनियन, भागलपुर के अध्यक्ष मुकेश मुक्त (राज्य सह जिला सचिव, ऐक्टू), सचिव अनिरुद्ध पासवान व ट्रांसपोर्ट में काम करने वाले मजदूर ग्रुप्स के मेठों ने किया। प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कामरेड मुकेश मुक्त ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मजदूरी दर में मजदूरों के लिए घर चलाना आफत हो गया है। दो वक्त के रोटी की व्यवस्था करने में भी कठिनाई हो रही है। कोरोना संकट और लगातार के लॉकडाउन ने मजदूरों का कमर तोड़ रखा है। सरकार को महंगाई कम करने का ठोस उपाय करने के साथ ही नियमित काम की व्यवस्था भी करनी चाहिए। तत्काल मजदूरी दर में बढ़ोतरी हो जाने से मजदूरों को कुछ राहत मिल पाएगा। मजदूरों की मांगों पर ट्रांसपोर्ट प्रबंधन को उदारता से विचार करना चाहिए। यूनियन के सचिव अनिरुद्ध पासवान ने बताया कि आज हड़ताल के प्रथम दिन यूनियन के अध्यक्ष मुकेश मुक्त के नेतृत्व में मजदूर प्रतिनिधियों से ट्रांसपोर्ट प्रबंधन की वार्ता स्थानीय तिलकामांझी थाना के प्रभारी की मौजूदगी में हुई किन्तु वार्ता विफल रही। टांसपोर्ट प्रबंधन ने मजदूरी दर में बढ़ोतरी करने से इनकार कर दिया। मजदूरों की मांगें जायज है। ट्रांसपोर्ट प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर पुनः सोच-विचार करे। हड़ताल व प्रदर्शन में यूनियन के अध्यक्ष मुकेश मुक्त, सचिव अनिरुद्ध पासवान, विजय साह, सदानन्द यादव, पागो मंडल, प्रदीप यादव, मनोज मंडल, पवन पासवान, बिहारी यादव आदि विभिन्न ट्रांसपोर्ट कंपनियों के मजदूर शामिल हुए।

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