डीसीएस प्रबंधनकारिणी जागरूकता कार्यशाला का हुआ आयोजन।



साहिबगंज :--उपायुक्त रामनिवास यादव  की अध्यक्षता में झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ लिमिटेड मेधा डेयरी द्वारा डीसीएस प्रबंधनकारिणी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला के तहत मेधा डेयरी के महाप्रबंधक जयदेव विश्वास ने बताया कि इस जागरूकता शिविर कार्यशाला का उद्देश्य है कि जिले के दुग्ध उत्पादक किसान प्रेरित हों एवं जिले के दृष्टिकोण से बनाए जा रहे दुग्ध बाजार में अपना दूध बिक्री करें। इससे वह आर्थिक रूप से सबल होंगे ही बल्कि साहिबगंज जिला दूध का एक बड़ा बाजार बनने में सफल भी होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला आप सबों को एक सफल दृष्टिकोण देने का एक माध्यम मात्र है, जिसके तहत आप डेयरी के कार्य प्रणाली को जाने इससे जरूरी महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझे और इस अपने मुनाफ एवं रोजगार के नजरिए को दूरदर्शी बनाएं।मेधा डेयरी के महाप्रबंधक ने कहा कि वह किसान जो डेरी से जुड़कर यहां दूध बेचेंगे उन्हें हर 10 दिन में सीधे उनके बैंक अकाउंट में पैसा उपलब्ध कराया जाएगा।

उपायुक्त का संबोधन:

कार्यशाला के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ लिमिटेड द्वारा मेधा डेरी यह बल केवल एक संस्था नहीं है यह आपकी अपनी संस्था है जिन्हें जिले की कृषकों को चलाना है यहां पर बनने वाले बीएमसी केंद्र तथा दुग्ध कलेक्शन सेंटर आप सभी कृषकों के द्वारा ही चलाया जाएगा।  जहां से प्रोसेस होकर दूध एवं दूध से बने अन्य खाद सामग्री साहिबगंज ही नहीं बल्कि विभिन्न जिलों में बेचा जाएगा जिसका फायदा केवल और केवल किसानों को होने जाए होगा।संस्था न केवल किसानों को उनके दूध का सही मूल्य देगी बल्कि वह संस्था को होने वाले लाभ का प्रतिशत भी किसानों में वितरित करेगी।उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। जिले में दूध उत्पादन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से संस्था के अतिरिक्त दो बीएमसी का एवं कुछ क्षेत्रों में मिल्क कलेक्शन सेंटर भी जिला प्रशासन द्वारा बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आप सभी किसान बंधुओं एवं माताओं एवं बहनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, यहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा एक बड़ा बाजार होगा जिससे आने वाले दिनों में हम कई जिलों को अपने दूध एवं दूध से बने खाद्य सामग्रियां उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे इन्हीं प्रेरणाओं के साथ हम सब मिलकर अगर एक साथ अपना सहयोग दें तो निश्चित ही हमारा जिला दूध क्रांति में एक आमूलचूल परिवर्तन करेगा। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वह इस अपने अपने स्तर पर लोगों को प्रेरित करें कि वह डेयरी में अपना दूध बेचे एवं अपने दूध का सही मूल्य पाएं।

इसके अलावा कार्यशाला के दौरान किसान सीधे उपायुक्त से जुड़ते हुए अपनी समस्याएं एवं बताई और उनके समक्ष आवश्यक सवाल प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी किसानों से कहा कि वह निश्चिंत रहें कि उन्हें कोई डेयरी में दूध बेचने से उनका कोई नुकसान होगा।

कई कृषको ने उपायुक्त के समक्ष सुझाव भी प्रस्तुत किए।

गव्य विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी:

 कार्यशाला के दौरान पशुपालन पदाधिकारी उपेंद्र सिंह ने किसानों को गव्य विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी एवं किसानों के सवालों का उत्तर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दो गाय की योजना पर 50% अनुदान दी जा रही है,जो किसानों को गाय पालन के लिए प्रेरित कर रही है इसलिए आप सब भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। अनुदानित राशि पर गाय लेकर गाय पालने एवं उनका दूध डेयरी में बेचने से उन्हें काफी आर्थिक लाभ मिल सकता है।

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