ए एस कॉलेज एनसीसी ने भगत सिंह को दी श्रद्धाजंलि



देवघर मंगलवार को ए एस महाविद्यालय देवघर मैं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन सी सी) के द्वारा शाहिद ए आज़म  भगत सिंह जी की जयंती मनाया गया।मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले, देशभक्ति और पराक्रम के अद्वितीय प्रतीक शहीद-ए-आजम #भगत_सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन.. मां भारती की स्वाधीनता के लिए महज 23 साल की उम्र में आपका सर्वोच्च बलिदान युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। ए एन ओ रंजीत कुमार वर्णवाल ने केक काटकर सभी कैडेटों को संबोधित किया और उन्होंने ने कहा कि भगत सिंह ने देश की आजादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुकाबला किया, वह युवकों के लिए हमेशा ही एक बहुत बड़ा आदर्श बना रहेगा। भगत सिंह को हिन्दी, उर्दू, पंजाबी तथा अंग्रेजी के अलावा बांग्ला भी आती थी जो उन्होंने बटुकेश्वर दत्त से सीखी थी। जेल के दिनों में उनके लिखे खतों व लेखों से उनके विचारों का अंदाजा लगता है। उन्होंने भारतीय समाज में भाषा, जाति और धर्म के कारण आई दूरियों पर दुख व्यक्त किया था। राजेंद्र कुमार ने कहा कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्ग पर किसी भारतीय के प्रहार को भी उसी सख्ती से सोचा जितना कि किसी अंग्रेज के द्वारा किए गए अत्याचार को। उनका विश्वास था कि उनकी शहादत से भारतीय जनता और उग्र हो जाएगी, लेकिन जब तक वह जिंदा रहेंगे ऐसा नहीं हो पाएगा। इसी कारण उन्होंने मौत की सजा सुनाने के बाद भी माफीनामा लिखने से साफ मना कर दिया था। और भगत सिंह की शहादत से न केवल अपने देश के स्वतंत्रता संघर्ष को गति मिली बल्कि नवयुवकों के लिए भी वह प्रेरणा स्रोत बन गए। वह देश के समस्त शहीदों के सिरमौर बन गए। भारत और पाकिस्तान की जनता उन्हें आजादी के दीवाने के रूप में देखती है जिसने अपनी जवानीसहित सारी जिंदगी देश के लिए समर्पित कर दी। उनके जीवन पर आधारित कई हिन्दी फिल्में भी बनी हैं जिनमें- द लीजेंड ऑफ भगत सिंह, शहीद, शहीद भगत सिंह आदि। आज भी सारा देश उनके बलिदान को बड़ी गंभीरता व सम्मान से याद करता है।

मौके पर उपस्थित राजा शर्मा,विवेक कुमार,सुमित कुमार ,राजेन्द्र ,रुचि, शिवरंजनी, साक्षी, दीपिका, प्रियंका, अफसाना, सानिया, प्रगति, श्रुति, करीना, निशा, नेहा, आकांक्षा, बुलबुल,रोशनीअंजुम,रोशनी,शिवानी,जयपाल, श्रीयांश, विशाल कुमार वर्मा, मिलिंद मनी झा, राहुल, विशाल वर्मा, राजीव, धीरज कुमार, चनेश्वर कुमार यादव, सुभाष कुमार दास, देवाशि कुमार दे, रोहित कुमार रमानी, आशीष कुमार दुबे, केशव कुमार, सौरव कुमार, अनिश कुमार राउत, सुमित सिंह, राज कुमार केशरी, चिरंजीवी कुमार मंडल, मेघानंद महतो, महेश कुमार राउत, हिमांशु, अमन कुमार, सागर प्रसाद वर्मा, विकाश कुमार दास, राज कुमार यादव, नीरज कुमार, बलराम कुमार तंति, कैलाश कुमार मंडल, पवन कुमार बर्णवाल।सहित दर्जनों कैडेट्स उपस्थित थे।

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