घर घर जाकर लोगों को खिलाई जाएगी अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोलियां



बक्सर:-  फाइलेरिया मुक्त बक्सर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को सदर पीएचसी से सर्वजन दवा सेवन अभियान की शुरुआत हुई। अभियान का उद्घाटन जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार द्वारा किया गया। मौके पर दोनों अधिकारियों ने खुद फाइलेरिया मुक्ति की दवा का सेवन कर अभियान की विधिवत शुरुआत की। जिसके बाद सभी स्वास्थ्य कर्मियों व सहयोगी संस्थाओं के कर्मियों में भी एमडीए की दवा खाकर लोगों को फाईलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करने के सन्देश दिया। मौके पट डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया, जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए सभी को डीईसी व एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जानी है। अधिक बीमार, गर्भवती व दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। इस दौरान बीएचएम सुशील कुमार, बीसीएम प्रिंस कुमार सिंह, केयर बीएम आलोक कुमार एवं सहयोगी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

लोगों को अपने सामने दवा का सेवन करवाएंगी आशा कार्यकर्ता :

सदर प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने कहा, लोगों को फाइलेरिया मुक्ति की दवा खिलाने के लिए अभियान की शुरुआत एक साथ की गई है। इस अभियान में के लिए सदर प्रखंड के साथ साथ पूरे जिले में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी तथा लोगों को अपने सामने दवा का सेवन करवाएंगी। इसके लिए जिला, प्रखंड व पंचायत स्तर अलग-अलग स्वास्थ्यकर्मियों की टीम गठित की गई है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। फाइलेरिया उन्मूलन सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में 02 वर्ष से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी तथा अल्बेंडाजोल की एक- एक गोली, 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के लोगों को डीईसी की दो तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। लोगों द्वारा अल्बेंडाजोल का सेवन आशा की उपस्थिति में चबाकर किया जाना है।

फाइलेरिया का प्रमुख लक्षण हाथ-पैर या हाइड्रोसील में सूजन का होना है :

केयर के बीएम आलोक कुमार ने बताया, फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है। यह जान तो नहीं लेती है, लेकिन जिंदा आदमी को मृत के समान बना देती है। इस बीमारी को हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ या पैर या हाइड्रोसील में सूजन का होना होता है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाली एक गंभीर बीमारी है। यदि समय पर फाइलेरिया की पहचान कर ली जाए तो जल्द इलाज शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों में इसको लेकर जागरूकता बहुत जरूरी है। इसलिए लोग अपने घर के आस -पास गंदा पानी नहीं जमा होने दे एवम् सोते समय मच्छरदानी रोजाना उपयोग करें। फाइलेरिया से बचाव के लिए अभियान के दौरान दवा का सेवन जरूर करें।

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