सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवांं में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मियों पर कार्रवाई की मांग ।



प्रयोगशाला प्रावैधिक मनोज कुमार मिश्र ने फ्रंटललाइन और बालाजी कंपनी को आवेदन देकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवां में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कुल 28 कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए मधुपुर, करों पालोजोरी में स्थानांतरित करने की मांग की है । एक महीने में कारवाई नहीं होने पर इन कर्मियों सहित नियोक्ता कंपनी के खिलाफ भी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष मुकदमा दर्ज करने की बात कही गई है ।

ज्ञात हो कि तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार सिंह और तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार के दवाब में  इन आउटसोर्सिंग कर्मियों के द्वारा श्री मिश्र के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया गया था । उनके आवेदन के आधार पर तत्तकालीन सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने श्री मिश्र के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए संचिका स्वास्थ्य सचिव को बढ़ावा गया था । स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर निदेशक प्रमुख के द्वारा समिति गठित कर मामले की जांच कराई गई जिसमें श्री मिश्र को निर्दोष पाया गया ।  इस आधार पर श्री मिश्र को आरोप मुक्त किया गया है । अब आरोप मुक्त होने के बाद अपने खिलाफ साजिश में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है । उनके द्वारा कारवाई की मांग किए जाने से आउटसोर्सिंग सहित उनके खिलाफ हस्ताक्षर करने वाले सभी कर्मचारियों में दहशत का माहौल है 

श्री मिश्र ने उन कर्मियों के परिवार से सहानुभूति जताते हुए उनकी सेवा समाप्त नहीं कर सिर्फ। स्थानांतरण की मांग की है ताकि उन्हें सबक भी मिले और उनका रोजगार भी नहीं छीना जाए।

कंपनी के प्रबंधक के द्वारा भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है ।

आवेदन की प्रतिलिपि सिविल सर्जन को भी दी गई है ।

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