सुहागिनों ने की हरतालिका तीज व्रत



नारायणपुर प्रखण्ड क्षेत्र के मंडरो, कमलडीह, पबिया समेत अन्य स्थानों पर गुरुवार को सुहागिनों ने पति की दीर्घायु एवम मंगल कामना को लेकर हरतालिका तीज व्रत किए |तीज व्रत को लेकर सुबह से ही महिलाओं में उत्साह देखने को मिली |गुरुवार सुबह को क्षेत्र की महिलाएं  सोलह सृंगार कर अपने अपने आसपास के नदी से विधिवत  बालू  घर लाकर उससे भगवान शिव एवम माँ पार्वती की बालू से शिवलिंग बनाकर विधवत पूजा अर्चना किए |

पौराणिक कथायो के अनुसार एक समय सावित्री नामक पतिव्रता स्त्री के पुरुष को यमराज उनके पृथ्वीलोक में समय पूर्ण हो जाने के कारण सावित्री के पति  सत्यवान के प्राणों को लेकर  यमपुरी की ओर चलने लगें तभी  पतिव्रता सावित्री भी यमराज के साथ साथ यमपुरी को ओर जाते हुवे अपने पति के प्राणों यमराज से वापस माँगने लगी |कहते है कि उस समय यमराज ने सावित्री के पति के प्राणों को वापस न माँगने के एवज में कई प्रलोभन दिए लेकिन सावित्री  केवल अपने पति के प्राणों को ही यमराज से माँगते रही |अंत मे यमराज ने सावित्री के पतिव्रता को देखते हुए उसके पति सत्यवान के प्राण वापस लौटा दिए |कहते है उसी समय से सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत करती आ रही है |इस दौरान सुहागिनें पूरे दिन निर्जला उपवास कर पूजन करती है |वहीँ शुक्रवार को व्रत का पारण किया गया|इधर शुक्रवार से झारखंड के प्रमुख त्योहारों में से एक करमा पूजा का शुभारंभ भी नदी घाट से बालू उठाकर युवतियों द्वारा किया गया| यह त्यौहार 1 सप्ताह तक काफी धूमधाम से मनाया जाता है| यह त्यौहार बहने अपने भाई की लंबी आयु की कामना को लेकर करती है|

कोई टिप्पणी नहीं