केंद्रीय टीम ने जाना बाढ़ से बदहाली का हाल



पटना। बाढ़ से मची तबाही को केंद्रीय टीम ने भी माना है। दरभगा और भागलपुर का दौरा कर लौटने के बाद पटना में मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण के साथ हालात पर चर्चा की। टीम ने भी माना है कि असमय बारिश और अप्रत्याशित बाढ़ से बिहार में क्षति हुई है। टीम यहां से दिल्ली पहुंचने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपेगी। छह सदस्यीय टीम का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राज कुमार सिंह कर रहे थे।


मुख्य सचिव के साथ मंगलवार की शाम हुई बैठक में राज्य सरकार ने केंद्रीय टीम के समक्ष बाढ़ से उत्पन्न स्थिति और उससे हुई क्षति को लेकर विस्तृत चर्चा की।  चर्चा के क्रम में  आपदा प्रबंधन के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बाढ़ सेे अब तक ३७८१ करोड़ की क्षति होने की बात बताते हुए केंद्र से इसकी पूर्ति करने का अनुरोध किया है।


अपर मुख्य सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रत्यय अमृत ने बताया कि बाढ़ से राज्य के अंदर व्यापक क्षति हुई है। बाढ़ की पानी से ३० लाख की आबादी प्रभावित हुई है। फसलें नष्ट हो गयी है। सडक़ें-पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गयी है। कई जिलों में सडक़ों पर पानी चढ़ जाने के कारण अभी भी आवागमन प्रभावित है। किसानों की फसल मारी गयी है। बड़े क्षेत्र में किसान खरीफ फसल तक नहीं लगा सके। अभी भी बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है। वैसे राज्य के अंदर सिंतबर माह में बाढ़ का असर रहता है। अभी तो प्रथम सप्ताह है। बाढ़ का संकट टला नहीं है। अभी तो १८-१९ दिन बाकी है।  हर प्रतिकूल स्थिति से निबटने को लेकर अलर्ट रहने को कहा गया है। गंगा, गंडक समेत अन्य नदियों के तटबंध व जलस्तर के ट्रेंड पर पैनी नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार अपने स्तर से बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता पहुंचा रही है।


अपर मुख्य सचिव ने राज्य में हुई क्षति का जिक्र करते हुए बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग को ११६८.५९ करोड़, कृषि विभाग को ६६१.१६ करोड़, पशु एवं मत्स्य संसाधन को ४.०४ करोड़, पथ निर्माण विभाग को २०३.१४ करोड़, ग्रामीण कार्य को २३४.७० करोड़, जल संसाधन को १५०० करोड़, ऊर्जा विभाग को १४.३७ करोड़ तथा पीएचइडी को ७.८६ करोड़ की क्षति का प्राक्कलन है। केंद्रीय टीम कल शाम पटना पहुंच एक बार फिर मुख्य सचिव के साथ बैठेगी। उस बैठक में टीम को एक बार फिर क्षति का अंतिम ब्यौरा दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आज की प्रारंभिक बैठक में सभी विभागों के विभागीय प्रमुख ने अपने-अपने विभाग की क्षति का जिक्र करते हुए ब्यौरा दिया।


अपर मुख्य सचिव ने केंद्रीय टीम को बताया कि वर्तमान में राज्य के १५ जिले यथा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगडिय़ा, सहरसा, पटना, वैशाली, भागलपुर, सारण, कटिहार, मुंगेर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज एवं मधेपुरा के ८३ प्रखंड  अंतर्गत ४०० पंचायत की लगभग ३० लाख की आबादी बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। बाढ क़े चलते ५३ लोगों की मौत हुई है। बाढ़ के कारण सडक़ मार्ग औार रेल मार्ग भी प्रभावित है।


समस्तीपुर मंडल में अभी रेल परिचालन प्राय: ठप है। कई गाडिय़ो का परिचालन निरस्त कर दिया गया है तथा लगभग एक दर्जन ट्रेनों को मार्ग बदल कर परिचालन कराया जा रहा है। बाढ़ पीडि़तों के सहायतार्थ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की २५ टीम लगी हुई है। सात लाख ९५ हजार ५३८ परिवारों के बीच जीआर मद में ४७७.३२ करोड़ वितरित की गयी है। बाढ़ से हुई वास्तविक क्षति कास आकलन पानी के निष्क्रमण के बाद ही सही रुप से पता चल सकेगा।

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