डाॅक्टर सूनील कुमार सिंह पर जांच को प्रभावित करने का आरोप



प्रयोगशाला प्रावैधिक मनोज कुमार मिश्र ने डा सुनिल कुमार सिंह पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए सिविल सर्जन देवघर को आवेदन दिया है जिसकी प्रतिलिपि जांच समिति के अध्यक्ष सह जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को भी देकर इस आवेदन को जांच में शामिल करने की मांग की गई है 

आवेदन में कहा गया है कि डा सूनील कुमार सिंह सारवां से मसलिया स्थानांतरित होने के बाद भी अवैध तरीके से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सारवां के चिकित्सक आवास में अवैध तरीके से निवास करते हैं और सारवां के आउटसोर्सिंग के तहत नियुक्त कर्मचारियों को फोन करके अपने आवास पर बुलाते हैं और जांच को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं 

, दिनांक 19/09/21 को भी वह सारवां आए और आउटसोर्सिंग के तहत नियुक्त कई कर्मचारियों को फोन कर अपने आवास में बुलाया है, उनके इस करतुत से जांच प्रभावित होने की संभावना व्यक्त की गई है, श्री मिश्र ने इसकी सूचना सिविल सर्जन दूमका सहित विभाग को भी भेजने की मांग की है, साथ ही सारवां के सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और सूनील कुमार सिंह के मोबाइल फोन पर की गई बात की भी जांच करने की मांग की गई है

ज्ञात हो कि डा सूनील कुमार सिंह के द्वारा श्री मिश्र के खिलाफ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से हस्ताक्षर करा के मनोज कुमार मिश्र के खिलाफ कार्रवाई हेतु विभाग को भेजा गया था, विभाग के द्वारा जांच कर श्री मिश्र के खिलाफ लगाया गया आरोप गलत पाया गया और श्री मिश्र को आरोप मुक्त किया गया, इसके बाद श्री मिश्र के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवां के 28 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई जिस पर सिविल सर्जन देवघर के द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के अध्यक्षता में किया गया जिसमें उपाधीक्षक सदर अस्पताल देवघर डा नंदलाल पंडित और चिकित्सा पदाधिकारी डा चित्तरंजन कुमार पंकज को सदस्य बनाया गया है, जांच समिति दिनांक 22/09/21 को मामले की जांच के लिए सारवां पहुँच रही है, इसी जांच को प्रभावित करने के लिए डा सूनील कुमार सिंह मसलिया से सारवां आकर संबंधित कर्मचारियों को फोन कर अपने आवास पर बुलाकर जाँच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं

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