सांसद और विधायक निकलने सड़क पर -पेंट मोड़कर



देवघर-निगम क्षेत्र की सड़कों में ठेहुना भर पानी भर गया है।लोगों के घरों के अंदर भी बारिश और नाले का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है लोग आख़िर धिक्कारे तो किसको विभाग,सरकार,जन प्रतिनिधि या अपने आप को?ऐसे में सोशल मीडिया में एक तस्वीर तेजी से दौड़ रही है जिसमे सड़क पर ठेहुन भर पानी मे स्थानीय विधायक नारायण दास और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे छाता लेकर पेंट समेटे चल रहे हैं और कैप्सन में लिखा गया है "झारखण्ड सरकार की खुली पोल"देवघर शहर हुआ बेहाल"।

लोग इस तस्वीर और कैप्सन को समझने में भीड़ गए हैं। सरकार तो सरकार किन्तु स्थानीय विधायक और सांसद का भी तो यह क्षेत्र है?क्या इस नारकीय स्थिति से लोगों को बाहर निकालने  का दाइत्व इनका नहीं?विधायक को तो विकास के मुद्दे पर ही लोगों ने चुना था?और दूसरे तो विकास पुरुष ही कहलाते हैं।बहरहाल सड़क पर इस प्रकार निकलना सिर्फ़ सरकार पर दोस मढ़ने की यह प्रक्रिया थी या पानी का मजा लेना यह तो नेता द्वय ही बता सकते हैं?

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