आरएसएस-भाजपा के झूठ का मुकाबला मजबूत संगठन से ही संभव : दीपंकर



पटना । भूमिहीन गरीब किसानों के ऐतिहासिक नक्सलबाड़ी उभार के दौर के और लंबे समय तक पार्टी की केन्द्रीय कमिटी के सदस्य रहे तथा पार्टी के मुखपत्र समकालीन लोकयुद्ध के प्रधान संपादक व केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चेयरमैन बृजबिहारी पांडेय की याद में रविवार को भारतीय नृत्य कला मंदिर में स्मृति सभा का आयोजन किया गया।

आयोजन में माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य सहित पार्टी नेता स्वदेश भट्टïाचार्य, रामजी राय, केन्द्रीय कमिटी के सदस्य एन मूर्ति, आंध्रप्रदेश से बांगर राव सहित पश्चिम बंगाल, झारखंड, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, असम तथा जसम, लोकयुद्ध व लिबरेशन से जुड़े लोग तथा महागठबंधन व अन्य वामदलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

अध्यक्ष मंडल में लिबरेशन के प्रबंध संपादक प्रभात कुमार चौधरी, लोकयुद्ध के प्रबंध संपादक संतलाल, जसम के महासचिव मनोज सिंह, समकालीन जनमत के प्रबंध संपादक मीना राय व भाकपा-माले की केन्द्रीय कंट्रोल कमीशन की सदस्य सुशीला टिग्गा शामिल थे। संचालन लोकयुद्ध के कार्यकारी संपादक संतोष सहर ने किया।

माले के महासचिव ने कहा कि भूमिहीन गरीब किसानों के ऐतिहासिक नक्सलबाड़ी आंदोलन से प्रेरित होकर छात्र-नौजवानों की एक पूरी पीढ़ी ने हंसते-हंसते खुद को सामाजिक बदलाव व इंकलाब के लिए खुद कुर्बान कर दिया। उस वक्त दुर्गापुर के रिजीनल इंजीनियरिंग कॉलेज में भारी हलचल हुई। वहीं से हमारी पार्टी के पूर्व महासचिव विनोद मिश्रा, डीपी बख्शी और बृजबिहारी पांडेय की तिकड़ी गरीबों का राज स्थापित करने के मकसद से निकली और भाकपा-माले के संगठन को खड़ा किया। दुर्गापुर का ऐतिहासिक छात्र आंदोलन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज एक बार फिर पूरे देश में भाजपा के फासीवादी अभियान व शिक्षण संस्थानों पर हो रहे हमले के खिलाफ लगातार छात्र आंदोलन चल रहे हैं। हमें इन आंदोलनों को सामाजिक बदलाव के बड़े लक्ष्य के साथ जोडऩा होगा।

स्मृति सभा में सीपीआईएम के राज्य सचिव मंडल के सदस्य अरुण कुमार मिश्रा, फारवर्ड ब्लॉक के अमरीका महतो, एसयूसीआईसी के सूर्यंकर जितेन्द्र के साथ-साथ दुर्गापुर मजदूर आंदोलन से आये नेता मोहन दत्ता, बृजबिहारी पांडेय की बेटी अदिति, मधुरिमा बख्शी, केंद्रीय कंट्रोल कमीशन की सदस्य सुशीला तिग्गा, झारखंड से आये अरूप चटर्जी, पटना के ख्याति प्राप्त चिकित्सक पीएनपी पाल, एन मूर्ति, प्रभात कुमार चौधरी, प्रशांत शुक्ला, केडी यादव आदि ने भी अपनी बातें रखीं।

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