एक तुलसी के पौधा के कारण हुआ विवाद बिहार में



बेगूसराय जिले के छौड़ाही ओपी क्षेत्र के नारायणपीपड़ पंचायत के बड़ीजाना गांव में सोमवार को गैरमजरुआ भूमि पर स्थापित धार्मिक प्रतिमा और तुलसी के पेड़ को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव के बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एक पक्ष के लोग इसे तुरंत हटाने की मांग कर रहे थे, तो दूसरे पक्ष के लोग किसी भी कीमत पर बनाए रखने पर अड़े रहे। मामले में दोनों पक्षों के 11 लोगों पर छौड़ाही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। एसडीएम मंझौल ने सभी को न्यायालय में तलब किया है। इसके बाद बांड भराकर सभी को छोड़ा गया। घटना के कारण इलाके में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। 


सड़क किनारे तुलसी का पौधा उग आया


छौड़ाही पुलिस की प्राथमिकी में नामित प्रथम पक्ष के बड़ीजाना निवासी गंगाविशुन यादव, सुशील पासवान, उदय यादव, मक्खन साह, मुकेश पासवान, राम प्रकाश दास, रामविलास दास आदि लोगों का कहना है कि कई वर्ष पूर्व बड़ीजाना गांव के चौराहे पर गैरमजरूआ भूमि में ग्रामीणों की सहमति से देवता की प्रतिमा स्थापित की गई है। वहां सड़क किनारे तुलसी का पौधा उग आया जो अब बड़ा हो गया है। दूसरे पक्ष के मो. कलाम, मो. नसीर, मो. एजाज मुनचू आदि का कहना है कि उक्त भूमि विवादित है। यहां गैरकानूनी रूप से सभी चीजें स्थापित की गई हैं। तुलसी के पेड़ को लेकर अब विवाद है। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर विवाद शांत हुआ। ।




पुलिस बोली- स्थिति नियंत्रण में


छौड़ाही ओपी प्रभारी राघवेंद्र कुमार एवं सीओ विजय प्रकाश का कहना है कि विवाद की सूचना पर निरीक्षण किया गया। स्थिति नियंत्रण में है। इधर एसडीएम मंझौल ने संज्ञान लिया है। एसडीएम ने छौड़ाही पुलिस की प्राथमिकी के आधार दोनों पक्षों के 11 नामजद लोगों को उपस्थित होने का नोटिस दिया तो सभी हाजिर हुए। दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी गई है।

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