अनुमंडलीय अस्पताल मधुपुर के वेक्टर बोर्न डिजीज टीम द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रात्रि रक्तपत संग्रह किया गया!



मधुपुर रविवार को अनुमंडलीय अस्पताल मधुपुर के उपाधीक्षक डॉक्टर मोहम्मद शाहिद के निर्देशानुसार फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम   के तहत रात्रि रक्त पट संग्रह मधुपुर शहरी क्षेत्र के प्रधान टोला ग्रामीण क्षेत्र के राजदहा गाँव में डॉ इकबाल खान तथा तपन कुमार एमटीएस के सर्वेक्षण मैं एमपीडब्ल्यू अजय कुमार दास संजीव कुमार राजीव  रंजन राकेश कुमार ने किया। जिसमें सहयोगी के रुप में श्याम हांसदा, शोएब आलम, सहिया बबनी मुर्मू, चरकू हांसदा आदि ने किया।  डॉ इकबाल खान तथा एमटीएस तपन कुमार के पर्यवेक्षण में मधुपुर ग्रामीण क्षेत्र के राजदहा गांव में जाकर किया ताकि एमएफसंक्रमण के वर्तमान स्थिति की पुष्टि किया जा सके रात्रि रक्तपत संग्रह के दौरान ग्रामीणों को  फाइलेरिया संबंधित विस्तार पूर्वक जानकारी भी प्रदान किया गया इस दौरान बताया गया कि चुकी दिन के समय माइक्रोफाइलेरिया  कृमि एक्टिव अवस्था में नहीं रहती है इस कारण दिन के समय  रक्त  पट संग्रह करने पर इसके क्रीमी का पता नहीं चल पाता है इस कारण यह सैंपल रात में ही लिया जाता है फाइलेरिया के लक्षणों की पहचान जल्दी नहीं हो  पाती है चुकी इसका लक्षण संभवत 5 से 7 वर्ष उपरांत ही पता चलती है जब प्रभावित अंग मैं अवांछित  वृद्धि होने लगती है इस समय पर पहचान सिर्फ रात्रि रक्तपात के जांच से ही हो पाती है इसलिए  किसी व्यक्ति को इसकी पुष्टि हैतू रात्रि रक्त पट संग्रह  करते हुए जांच कराना चाहिए  समय पर इसकी पहचान हो जाए तो फाइलेरिया रोग की दवाई से  इसे ठीक किया जा सकता है। फाइलेरिया से बचाव हेतु प्रतिवर्ष सरकार की ओर से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया रोधी दवा  डीईसी एवं अल्बेंडाजोल खिलाई जाती है जिसे सभी स्वस्थ व्यक्तियों को आवश्यक रूप से सेवन करना चाहिए ताकि उन्हें फैलेरिया होने से बचाया जा सके  साथ ही जो व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो चुके हैं उन्हें तो पूर्ण कोर्स दवाई का सेवन करना चाहिए ताकि उनके अंदर उपस्थित माइक्रोफाइलेरिया  क्रीमी को नष्ट किया जा सके तथा प्रभावित अंग को और बढ़ने से रोका जा सके। साथ ही दूसरे व्यक्तियों में फैलने से बचाया जा सके क्योंकि फलेरिया संक्रमित व्यक्तियों को क्यूलेक्स मच्छर के काटने से वह मच्छर संक्रमित हो जाती है तथा जब वह संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटती है तो उसमें आप फलेरिया होने की संभावना होती है इसलिए वर्ष में एक बार खिलाई जाने वाली फलेरिया रोधी दवाएं का सेवन अवश्य रूप से करना चाहिए। साथ ही मच्छर के प्रकोप से बचना चाहिए इस हेतु अपने आसपास गंदगी बहुत जलजमाव ना होने दें ताकि मच्छर को फैलने से बचाया जा सके साथ ही शाम के समय खिड़की दरवाजा बंद कर देना चाहिए शाम के समय मच्छर घर में प्रवेश करती है पूरा शरीर ढका हुआ कपड़ा पहनना चाहिए ताकि आसानी से मच्छर नहीं काट सके हमेशा सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में नेपाली मुहर, रंजीत शर्मा, सेविका बसंती, चंपा टूडू, साहिया बबनी मुर्मू, चक्कू हांसदा आदि ने सहयोगी के रूप में कार्य किया!

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