सारठ के ह्रदयस्थली कहे जाने वाले सारठ बजरंगी चोक ही रह गया विकास से कोसो दूर।



सारठ सत्ताईस पंचायतो में सारठ पंचायत अपने मे अलग महत्व रखता है। लेकिन विकास की लंबी लिस्ट में सारठ पंचायत ही विकास से महरूम रह गया।  सारठ का ह्र्दयस्थली कहे जाने वाले बजरंगी  चौक से अजय नदी श्मशान घाट तक जाने वाली रोड की स्थिति नारकीय बनी हुइ है। बता दे कि हिंदुओ के पवित्र स्थल समशान घाट व मुस्लिम के कर्बला जाने वाले एक मात्र रोड क़रीब एक किलो मीटर तक कच्ची सड़क बारिश के कारण किचडो में तब्दील हो गया है। इसी कच्ची सड़क के दोनों किनारे पर दर्जनों लोग मकान बना कर भी  निवास करते है। साथ ही कर्बला व समशान घाट रहने  से इस सड़क में   आवाजाही करने वालों की भीड़ लगी रहती है।  बारिश से इस कच्ची सड़क पर गुजरना ख़तरे से ख़ाली नहीं है ।इस संबंध में उक्त सड़क के किनारे आवासन करने वाले कंचन तिवारी,जय किशोर चौधरी,भीम सिंह,संजय साह, नरेश रवानी,गोपाल झा समेत अन्य ने बताया कि दिन में तो किसी तरह आवाजाही कर लेते है लेकिन संध्या होते ही  अंधेरा की वजह से यह सड़क जानलेवा बन जाता है।वही सारठ बजरंगी चोक पर हाई मास्क लाइट भी खराब पड़ा हुआ है।उसके अलावे पोल में जलने वाली अस्सी प्रतिसत स्ट्रीट लाइट खराब है। जिससे दूर दराज से आने वाले सर्द्धालु व जायरीनों को काफी कठनाई का सामना करना पड़ता है। बाहरी सर्द्धालु चर्चा करते है कि सारठ का खूब नाम सुने है साहेब लेकिन ये रोड का ये हाल है। साथ ही सारठ में चौक पर हाई मास्क लाइट नही जलना व  एक भी सुलभ शौचालय नहीं हैं जिससे  सारठ की हाल पर तरस खाकर कहते है कि किसी ने अबतक इन सब चीजों की सुधि किंउ  नही ली। वे सब कहते है कि कारण जो भी हो लेकिन सारठ पंचायत  ही रह गया विकास से  कोसो दूर।

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