अपने अखंड सुहाग और पति की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने किया हरितालिका व्रत



मधुपुर शहर के लगभग सभी जगहों पर महिलाओं ने हरितालिका तीज व्रत का उपवास रखा। ज्ञात हो कि भाद्रपद मास में हस्त नक्षत्र से युक्त शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को इस अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। आज के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु तथा सभी तरह  के पापों से मुक्ति के लिए इस पर्व को निष्ठा पूर्वक करती है। आज के दिन दिन भर के उपवास के बाद सायं काल में किसी पवित्र स्थान पर भगवान शंकर और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र को प्रतिष्ठित कर उसकी पूजा की जाती है इस दौरान हरितालिका तीज व्रत कथा भी सुनी जाती है इस अवसर पर विशेषकर मंदिरों में दर्जनभर से अधिक महिलाएं उपस्थित होकर इस कथा का श्रवण करती है तथा उचित दान दक्षिणा भी देती है । इस वर्ष भी पंच मंदिर सहित कई अन्य मंदिरों और व्यक्तिगत घरों में इस तरह की पूजा का आयोजन हुआ जिसमें महिलाओं ने पूरे साज-सज्जा के साथ अनुष्ठान में भाग लिया ।कथा के अनुसार इस व्रत कथा को मात्र सुन लेने से प्राणी को 1000 अश्वमेध और सैकड़ों बाजपेई यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। इसमें कोई संशय नहीं है कि व्रत को करने से प्राणी सब पापों से छूट जाता है। कल प्रात :काल व्रत का समापन होगा जिसमें पूजा अर्चना के बाद महिलाएं पारण करेंगी। इसी आशा और विश्वास के साथ हर वर्ष महिलाएं इस पर्व को करती है साथ ही पूरे घर परिवार के लिए मंगलकामनाएं करती है!

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