शिक्षक और शिक्षा एक मात्र माध्यम है जिससे चरित्र के निर्माण के साथ-साथ मन मस्तिष्क की क्षमता का विकास संभव है:- मंजूनाथ भजंत्री



शिक्षक दिवस के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडो के बच्चों व शिक्षकों के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से कार्यरत सभी शिक्षकों के प्रति अपना आभार प्रकट किया।

इसके अलावे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि शिक्षक हमारे समाज का निर्माण करते है और हमारे मार्गदर्शक होते हैं। हमारी संस्कृति में शिक्षक का स्थान माता पिता से भी ऊंचा होता है। माता-पिता बच्चे को जन्म जरूर देते हैं लेकिन शिक्षक हमेशा हमें गाइड करते है, प्रेरणा देते हैं और समाज में हमें एक अच्छा नागरिक बनाते हैं। हमारे चरित्र को आकार देकर उज्वल भविष्य की नींव तैयार करते है। इसलिए हम चाहें कितने भी बड़े क्यों न हो जाए हमें अपने शिक्षकों को कभी नहीं भूलना चाहिए। दूसरी ओर जीवन में कभी हार ना मानना संघर्षों से कभी ना डरना मुसीबतों का डट कर सामना करना और सदा नए पथ पर चलना ये आप शिक्षक ही तो हमें सिखाते हो इसलिए आप शिक्षक कहलाते हो।

आगे उपायुक्त ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा है कि पूरी दुनिया एक विद्यालय है जहां से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। जीवन में शिक्षक हमें केवल पढ़ाते ही नहीं है बल्कि हमें जीवन के अनुभवों से गुजरने के दौरान अच्छे-बुरे के बीच फर्क करना भी सिखाते हैं। शिक्षक दिवस हमें शिक्षकों के प्रति सम्मान रखने की प्रेरणा देता है। यह हमें सिखाता है कि शिक्षक के सान्निध्य में ही हम कुछ कर सकेंगे। इस दौरान उपायुक्त ने सभी छात्र-छात्राओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान छात्र छात्राओं ने उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री महोदय के साथ अपने अनुभव साझा किए एवं उपायुक्त से भी पढ़ाई में मार्गदर्शन सुझाव हेतु कई प्रशन पूछे। बच्चों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कक्षा में पढ़ाई की तरफ पूरा ध्यान दें तथा कोई चीज समझ न आने पर बेझिझक शिक्षक से पूछें। सरकारी स्कूलों में भी योग्य व प्रशिक्षित शिक्षक हैं, उनकी काबलियत का लाभ उठाएं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करने हेतु कई महत्वपूर्ण बातें कही, उन्होंने अपने स्कूल एवं कॉलेज के समय के अनुभव को भी साझा किया। यूपीएससी की तैयारी करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अपने निजी अनुभव के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि अपने शब्द कोष ज्ञान को मजबूत करने के लिए हर रोज किसी हिन्दी या अंग्रेजी अखबार और मैग्जीन पढ़ें और अपने सामान्य ज्ञान में बढ़ोतरी करें। जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करके उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कड़ी मेहनत करें। सही स्ट्रेटजी बनाएं। अपने अंदर के बर्निंग डिजायर को समझे और उसे बढ़ावा दें। आगे उन्होने कहा की लगातार कड़ी मेहनत के दम पर ग्रामीण स्कूलों के बच्चे भी उच्च मुकाम हासिल करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। लक्ष्य का निर्धारण कर आगे की पढ़ाई हेतु मार्गदर्शन दिया।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा निपुण भारत अभियान की जानकरी देते हुए कहा गया कि निपुण योजना के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को तीसरी कक्षा के अंत तक पढ़ने, लिखने एवं अंकगणित को सीखने की क्षमता प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कक्षा 01 से 03 के विद्यार्थियों में आगामी 05 वर्षों में Foundational Literacy & Numeracy में शत प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त करनी है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए आप सभी शिक्षकों का सहयोग अपेक्षित है।


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