मोतिहारी में बढ़ेगा संस्कृत का प्रचार-प्रसार, संस्कृत है सभी भाषाओं का आधार

 


संस्कृत भारती मोतिहारी के तत्वावधान में संस्कृत के प्रचार-प्रसार में संस्कृत भारती का योगदान एवं कार्ययोजना विषयक  गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर बिहार प्रान्त के संगठन मंत्री  विवेक कौशिक  ने संस्कृत भाषा के महत्व और उसके विकास पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा यदि भारत को पुनः विश्वगुरु बनना है तो प्रत्येक जन को पठेम संस्कृतं नित्यं वदेम संस्कृतं नित्यम् सूत्र को अपनाना होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य ताराकान्त मित्र ने वैदिक मंगलाचरण से किया।

मंच संचालन महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के सह आचार्य डॉ विश्वजित वर्मन ने किया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता सह विभाग कार्यवाह कृष्ण कुमार ने किया। इस अवसर पर संस्कृतभारती मोतिहारी नगर संयोजक एवं महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डा विश्वेश वाग्मी जी ने  प्रान्त संगठन मन्त्री तथा उपस्थित  संस्कृत प्रेमियों का स्वागत एवं संस्कृत भारती की योजनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में संस्कृतभारती सम्भाषण वर्गों, बालकेन्द्रों, एवं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृत को घर -घर तक ले जाएगी। कार्यक्रम में अधिवक्ता विकास शर्मा ने संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए अपना सर्वाधिक सहयोग प्रदान किया। इनके अतिरिक्त धर्मवर्धन जी, डा प्रीति , शिक्षक धर्मेंद्र द्विवेदी,डा अनिल कुमार मिश्र, अधिवक्ता मानश कुमार, संस्कृत शोधार्थी ताराकान्त मित्र, ओमकार प्रसाद कुशवाहा, अवधेश कुमार आर्य जी, निधि कुमारी, अनुज कुमार, सुपर्णा सेन, छात्र सत्येन वर्मन ,अजय चन्द्र दास, रोहित, देवराज कुशवाहा, मुकेश कुमार आर्य, आदि अनेक विद्वान शोधकर्ता एवं विधार्थी उपस्थित रहे । कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय की शोध छात्रा सुपर्णा सेन ने किया।

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