बीटीएम ने नगरी पंचायत का दौरा कर किसानों को दी सम्वानित कृषि प्रणाली की जानकारी



कुंडहित (जामताड़ा):सोमवार को बीटीएम सुजीत कुमार सिंह ने नगरी पंचायत अंतर्गत विभिन्न गांवों का दौरा कर कुछ किसानो के साथ मुलाकात किया। उन्होंने कहा कि किसानों से मिलकर उन्हे मोटिवेट करने की कोशिश की जा रही है ताकि आने वाले समय में इंटीग्रेटेड फार्मिंग को अपना सके। बताया कि इसी क्रम में मुलाकात बलदाटाड़ के किसान मिथुन मुर्मू से हुई, जिनके पास वर्तमान में दो गाय दो जोड़ा बैल साथ  लगभग एक एकड़ में धान की खेती है। वे लौकी की खेती भी किए है जिसे आने वाले वर्ष में और व्यापक रूप से करेंगे। बल्दाटाड़ के ही किसान राममोती सोरेन से मिला  जिनकी भिंडी  धान एवम मक्के की खेत को देख कर उचित सलाह दी एवम खुश भी हुआ।  श्री सोरेन एक काफी मेहनती किसान है,  एवम आने वाले समय में वैज्ञानिक कृषि प्रणाली से खेती हेतु  आत्मा एवम कृषि विज्ञान केंद्र जामताड़ा से प्रशिक्षण लेने हेतु प्रेरित किया गया ।  श्री सोरेन को सम्वानित कृषि प्रणाली अपनाने की सलाह दी गई।  वर्तमान में वे मूली एवम टमाटर की खेती हेतु खेत तैयार कर रहे है। नगरी पंचायत के  एनायतपुर की महिला कृषक बहामुनी मरांडी की धान खेती को देखकर उसमे लगे हुए खरपतवार के नियंत्रण हेतु उपाय बताया गया। बहामुनी मरांडी के पास भी पांच गाय , 8 बकरी और एक एकड़ में लगभग धान की खेती है, इन्होंने लीज पर तालाब लेने की बात बताई। इन्हे भी इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम के बारे में बताया गया।

क्या है इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम?

सम्वानित कृषि प्रणाली को अपनाकर किसान कम खेत होने पर भी अच्छी कमाई कर सकते है । बस जरूरी है परंपरागत खेती के साथ साथ पशुपालन मछलीपालन भी करे। सम्वानित कृषि प्रणाली में किसानो के पास जो भी प्राकृत संसाधन होते है उसका पूरा उपयोग करने पर जोर दिया जाता है। जिससे छोटे किसानो को काफी लाभ होता है। अगर किसान के पास तालाब हो तो मत्स्य पालन के साथ बत्तख पालन करे  तथा तालाब के आसपास अगर जमीन हो तो आम बगीचे या अन्य बागवानी का कार्य करे जिससे संसाधन का पूरा उपयोग होगा एवम किसानो की अच्छी आमदनी होगी।

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