एससी एसटी एक्ट के तहत केस करने वाले सूचक ने अपना बयान बदला, कहा नही दिया हैं कोई शिकायत, वही एसडीपीओ देवघर ने कहा अनुसंधान के बाद ही निर्णय



देवघर। कुंडा थाना क्षेत्र के करनीबाग मोहल्ले की रहने वाले राजेश राम ने 4 सितंबर को कुंडा थाना में दर्ज एससी एसटी एक्ट , मारपीट व छिनतई की दर्ज प्राथमिकी के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवेदन दिया है जिसमें जिक्र किया है कि उसने 4 सितंबर को नगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 19 ज्योति होटल के समीप रहने वाले मनीष कुमार उर्फ मनीष चंद्रवंशी तथा कुंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले राजा साहनी के खिलाफ मारपीट छिनतई तथा हरिजन कह कर गाली गलौज करने की प्राथमिकी उन्होंने नही दर्ज कराई हैं जबकि  किसी अन्य व्यक्ति ने उनके साथ साजिश कर उक्त नामजदों  के खिलाफ दर्ज करा दी है जबकि राजेश राम का कहना है कि उसने ऐसा कोई आवेदन कुंडा थाना में नहीं दिया है साथ ही उसने इस बात का जिक्र भी किया है कि न ही राजा साहनी और ना ही मनीष कुमार उर्फ मनीष चंद्रवंशी से उसकी कोई गाली गलौज झगड़ा या छिनतई हुआ है। कुंडा थाना में दर्ज उक्त एफआईआर. किसी शरारती तत्वों के द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर हो गई है। जो बेबुनियाद है तथा इस प्राथमिकी को उसने निरस्त करने की प्रार्थना की है।वही इस संदर्भ में कुंडा थाना प्रभारी  प्रवीण कुमार ने बताया कि बीते 4 सितंबर को राजेश राम ने  स्वयं अपना आधार कार्ड तथा साथ में शिकायत पत्र लेकर कुंडा थाना आया और आवेदन  दिया है जिसके आधार पर कुंडा थाना प्रभारी ने उक्त नामजदों के खिलाफ हरिजन एक्ट सहित मारपीट व गाली-गलौज तथा छिनतई की प्राथमिकी दर्ज की है। क्योंकि इस तरह के मामले में सूचक पर कोई कार्यवाही नहीं होती है जिसके कारण उसे अपना केस लेने में कोई मनाही नहीं है। वही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि राजेश राम के द्वारा दिया गया आवेदन की प्रति उसे प्राप्त नहीं हुई है प्राप्त होने के बाद तथा अनुसंधान के बाद ही बता पाएंगे कि मामले में कितनी हद तक सच्चाई है।  साथ ही  उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकी होने के उपरांत प्राथमिकी रद्द करने या केस फाइनल करने का अधिकार पर्यवेक्षणकर्ता को है और इस केस का पर्यवेक्षणकर्ता पुलिस अधीक्षक देवघर है, इसलिए पुलिस अधीक्षक के स्तर से ही इस प्राथमिकी में कार्यवाही संभव है।

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