कृष्ण, राधा और यशोदा मैया की उम्दा प्रदर्शनकारी हुए पुरस्कृत



देवघर : स्थानीय ओमसत्यम इंस्टीट्यूट ऑफ फ़िल्म, ड्रामा एंड फाइन आर्ट्स तथा विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के युग्म बैनर तले स्टेशन रोड स्थित सिद्धिविनायक बैंक्वेट हॉल के भव्य सभागार में पिछले दिन जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण, राधा एवं यशोदा मैया की भूमिका को सफलतापूर्वक अदाकारी निभाने वाले सोलह कलाकारों को ओमसत्यम इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, एस.के.पी. विद्या विहार के सचिव डॉ. उमाकांत सिंह, भारती विद्यापीठ की निदेशिका सुनीता सिंह, रामेश्वर लाल सर्राफ उच्च विद्यालय के वरीय शिक्षक डॉ. विजय शंकर, बड्स पैराडाइस स्कूल, चकाई के निदेशक समीर कुमार दुबे, डॉल्फिन डांस एकेडेमी के निदेशक अजीत केशरी, स्वनामधन्य उद्घोषक राकेश कुमार राय के करकमलों से सत्यजीत राय कलाकार प्रतिभा सम्मान पुरस्कार की मानद उपाधि से अलंकृत एवं विभूषित किया गया। इस वर्ष पद्मश्री, ऑस्कर पुरस्कार विजेता चित्र परिचालक  राय की जन्मशती मनाई जा रही है। श्रीकृष्ण की भूमिका को निभाने वाले सर्ग माधुर्य, अनिका संतोषी, अथर्व देव सिंह, आयांश झा ; कृष्णप्रेमिका राधा की भूमिका को निभाने वाली सृजिता मण्डल, सोनाक्षी श्री, सनाया भारद्वाज, केया झा, वैष्णवी आनंद, ईशान तबस्सुम ; मैया यशोदा की भूमिका को निभाने वाली रीना सिंह, मेघा शरण, अन्नु भारती, रेखा जायसवाल, संगीता कुमारी, श्वेता रश्मि को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मौके पर डॉ. देव ने कहा- सत्यजित राय का जन्म सन 1921 को 2 मई को हुआ था। वे बीसवीं शताब्दी के विश्व की महानतम फ़िल्मी हस्तियों में से एक थे, जिन्होंने यथार्थवादी धारा की फ़िल्मों को नई दिशा देने के अलावा साहित्य, चित्रकला जैसी अन्य विधाओं में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सत्यजित राय प्रमुख रूप से फ़िल्मों में निर्देशक के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन लेखक और साहित्यकार के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय में ख्याति अर्जित की है। सत्यजित राय फ़िल्म निर्माण से संबंधित कई काम ख़ुद ही करते थे। इनमें निर्देशन, छायांकन, पटकथा, पार्श्व संगीत, कला निर्देशन, संपादन आदि शामिल हैं। फ़िल्मकार के अलावा वह कहानीकार, चित्रकार और फ़िल्म आलोचक भी थे। सत्यजित राय कथानक लिखने को निर्देशन का अभिन्न अंग मानते थे। सत्यजित राय ने अपने जीवन में 37 फ़िल्मों का निर्देशन किया, जिनमें फ़ीचर फ़िल्में, वृत्त चित्र और लघु फ़िल्में शामिल हैं। इनकी पहली फ़िल्म 'पाथेर पांचाली' को कान फ़िल्मोत्सव में मिले “सर्वोत्तम मानवीय प्रलेख” पुरस्कार को मिलाकर कुल ग्यारह अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। विश्व में भारतीय फ़िल्मों को नई पहचान दिलाने वाले सत्यजित राय भारत रत्न के अतिरिक्त पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित हैं। विश्व सिनेमा में अभूतपूर्व योगदान के लिए सत्यजित राय को मानद 'ऑस्कर अवॉर्ड' से अलंकृत किया। इसके अलावा उन्होंने और उनके काम ने कुल 32 राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त किये।

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