उपायुक्त ने एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड स्टोरेज चैन बनाने की दिशा में अधिकारियों को कार्य करने का दिया निर्देश



उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में कृषि संसाधनों को उन्नत और बेहतर बनाने के दिशा में समाहरणालय सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने कृषकों व कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य योजना के साथ कृषि विभाग, नाबार्ड, आत्मा, उद्यान, मत्स्य, कृषि विज्ञान केंद्र सुजानी, बैंक के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने किसानों के फसल का उचित मूल्य दिलाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों को एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड स्टोरेज चैन बनाने की दिशा में कार्य योजना तैयार करते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया, ताकि किसानों की आमदनी में वृद्धि के साथ फसल के उत्पादों मेें वैल्यू एडिशन होने से उनकी कीमत भी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आगे उन्होंने कृषि से जुड़े संबंधित विभागों के अधिकारियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजना के तहत बैंक से ऋण दिलाने में किसानों की सहायता करने तथा जिला स्तर पर अभियान चलाकर किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिया। साथ ही उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रखंड स्तर के किसानों को ग्रामीण क्षेत्रों में ही अपनी उपज को स्टॉक रखने की सुविधा मिले इसका विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।

■ कृषि उपज के रखरखाव के साथ बाजार उपलब्ध कराना हो प्राथमिकता:- उपायुक्त.....

बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने कृषि उपज के रखरखाव के साथ बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सब्जी उत्पादन बहुल क्षेत्र में एग्रो प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना करने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने इस दिशा में कार्य करते हुए किसानों के उत्पादों को संरक्षित रखने के अलावा किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि अधिक उत्पादन हो जाने की स्थिति में किसानों को उनके उत्पाद को बेचने के लिए उचित बाजार नहीं मिल पाते हैं। परिणाम स्वरूप उन्हें उत्पादों का सही दाम नहीं मिलता है उत्पादन लागत से भी वे कम कीमत में बेचने को मजबूर हो जाते हैं।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, एलडीएम  एस.एल बैठा, उप परियोजना निर्देशक आत्मा  मंटू, डीडीएम नाबार्ड, डीपीएम जेएसलपीएस, कृषि विज्ञान केंद्र सुजनी के अधिकारी के अलावा संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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