भ्रष्टाचार का नंगा नाचः 'मवी मृत्युंजय सिंह के 'कारनामों' की जांच में खुली पोल! ट्रक मुजफ्फरपुर के 'थाने' में बंद और पटना में बैठे-बैठे दे दिया फिटनेस प्रमाण-पत्र, पढ़ें वो जांच रिपोर्ट...



पटनासुशासन राज में परिवहन विभाग के अफसरों के एक से बढ़कर एक कारनामे सामने आ रहे हैं। बालू लूट में परिवहन विभाग के तीन एमवीआई पर कार्रवाई की गई थी . एक मोटरयान निरीक्षक के ठिकानों पर तो ईओयू की रेड भी हो चुका है। बालू लूट में संलिप्त एक और एमवीआई पर जो गंभीर आरोप लगे थे वो जांच में सही पाये गये हैं। जांच रिपोर्ट में पटना के एमवीआई रहे मृत्युंजय कुमार सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आखिर जांच रिपोर्ट में क्या है हम आपको बताते हैं.

जानिए जांच रिपोर्ट में क्या है.....

परिवहन विभाग के उप सचिव के पास अगस्त महीने में ही पटना के मोटरयान निरीक्षक रहे मृत्युंजय कुमार सिंह के खिलाफ लगाए गये आरोपों की जांच संबंधी रिपोर्ट पहुंच गई है।विभाग के आदेश पर पटना के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार ने पूरे मामले की जांच की थी। जांच में एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच में पाया गया कि एमवीआई ने जिस ट्रक को फिटनेस प्रमाण पत्र दिया वो उस मुजफ्फरपुर के थाने में जब्त था। जांच अधिकारी ने अपने मंतव्य में लिखा है कि तथ्यों के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि वाहन संख्या-UP60T/4830 ट्रक दिनांक 2 जुलाई 2019 से मिठनपुरा थाना मुजफ्फरपुर में जब्त था। जिस तिथि(5.7.19) को मोटरयान निरीक्षक मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा वाहन संख्या-UP60T/4830 ट्रक का फिटनेस प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए भौतिक रूप से निरीक्षण किये जाने का उल्लेख किया गया है उस तिथि को वह वह ट्रक मिठनपुरा थाना मुजफ्फरपुर में था।

बिना भौतिक निरीक्षण के ट्रक का दिया फिटनेस प्रमाण-पत्र

जहां तक एमवीआई मृत्युंजय सिंह द्वारा फार्म-50(2) पर वाहन चेचीस संख्या(पेंसिल प्रिंट) प्रिंट किये जाने का प्रश्न है,यह संभव है कि आवेदक वीरेन्द्र चौधरी ने थाने से ही फार्म-50(2) पर वाहन संख्या-UP60T/4830 ट्रक का चेचीस का पेंसिल प्रिंट प्राप्त कर लिया गया हो। उसी आधार पर एमवीआई मृत्युंजय सिंह बिना भौतिक निरीक्षण के उक्त वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र निर्गत किया गया होगा। जांच में स्प्ष्ट तौर पर बता दिया गया कि ट्रक थाने में बंद था उसी दौरान फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया । एमवीआई ने बिना गाड़ी को देखे ही प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। 

परिवहन विभाग ने विस्तृत जांच की बताई थी जरूरत

परिवहन विभाग द्वारा 19 मार्च 2021 को जारी जांच संबंधी आदेश में एमवीआई पर लगे आरोप के संबंध में तमाम बातों का जिक्र किया गया था. साथ ही आरोपी एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह ने बचाव में जो चौंकाने वाला जवाब दिये थे उन बातों का भी जिक्र किया गया था। विभाग ने अपने पत्र में कहा था कि इस मामले की विस्तृत जांच की जरूरत है। 

पटना एमवीआई ने थाने में बंद ट्रक का दिया था फिटनेस?

बिहार ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह की तरफ से पिछले साल ही परिवहन विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह पर आरोप है कि मुजफ्फरपुर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में जो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई उसे थाना में बंदी के दौरान पटना के मोटरयान निरीक्षक ने फिटनेस प्रमाण पत्र दे दिया। गाड़ी संख्या यूपी- 60T4830 ट्रक जो 2 जुलाई 2019 को आदर्श नगर थाने में जब्त कर रखा गया था उस गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया।  4 जुलाई 2019 को जिला परिवहन कार्यालय पटना के काउंटर पर चलान जमा किया गया तथा 5 जुलाई 2019 को एमवीआई मृत्युंजय सिंह के द्वारा गाड़ी का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण की तारीख फिटनेस प्रमाण पत्र पर दर्शाया गया है. 6 जुलाई 2019 को उस गाड़ी का एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र 6 जुलाई 2019 से 4 जुलाई 2021 तक निर्गत किया गया है. जबकि वह ट्रक दूसरे जिले के थाने में जब्त था।

थाने के पत्र से खुलासा

19 अगस्त 2019 को सिकंदरपुर आदर्श नगर थाना मुजफ्फरपुर की पुलिस ने मोटरयान निरीक्षक मुजफ्फरपुर को नगर थाना कांड संख्या 572-2019 के तहत ट्रक संख्या- यूपी- 60T4830 की यांत्रिक जांच के संबंध में एमवीआई मुजफ्फरपुर को पत्र लिखा था।ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब गाड़ी दूसरे जिले के थाने में जब्त है तो पटना एमवीआई ने किस परिस्थिति में 5 जुलाई 2019 को गाड़ी का निरीक्षण किया और उसका फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया. इसमें भारी गड़बड़ी की गई है. यह जांच का विषय है कि थाने में बंद ट्रक का फिटनेस प्रमाण पत्र कैसे निर्गत हुआ? आरोपी एमवीआई के केस दर्ज करें।

एमवीआई का जवाब चौंकाने वाला था

शिकायक के बाद परिवहन विभाग के उप सचिव ने 5 जनवरी 2021 को ही गड़बड़ी करने के आरोपी पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह से स्पष्टीकरण पूछा था। दो बार स्पष्टीकरण पूछे जाने के बाद पटना एमवीआई ने 6 जनवरी 2021 को शो-कॉज का जवाब दिया था। उनका जवाब चौंकाने वाला था। पटना एमवीआई ने जो जवाब दिये थे उसमें बताया था कि हमने सही गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया लेकिन वाहन स्वामी ने फर्जी काम किया। पटना के एमवीआई ने विभाग को दिये अपने जवाब में लिखा था कि वाहन संख्या- यूपी- 60T4830 का फिटनेस प्रमाण पत्र गाड़ी के भौतिक सत्यापन कर चेचिस संख्या पेंसिल प्रिंट फॉर्म 50-2 पर लेने के बाद निर्गत किया गया. वाहन स्वामी द्वारा किसी अन्य वाहन पर निबंधन संख्या एवं चेचिस पंच कर दो वाहनों को चलाने का मामला प्रतीत होता है। मतलब पटना एमवीआई ने अपने जवाब में लिखा कि थाने में जब्त गाड़ी का चेचिस नंबर ही गलत है। विभाग ने भी माना कि इस जवाब से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। लिहाजा विस्तृत जांच को लेकर आदेश जारी किया था.

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