जमुई के द्वारा भारतीय कला महाविद्यालय जमुई के प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उद्घाटन



नगर परिषद क्षेत्र के महिला कॉलेज के निकट होली मिशन स्कूल ने भारतीय कला महाविद्यालय गरसंडा, जमुई के द्वारा भारतीय कला महाविद्यालय जमुई के प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उद्घाटन शहर के जाने-माने समाजसेवी भावानंद सिंह के द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रंजीत कमल ने की। उद्घाटन के उपरांत श्री सिंह ने कहा कि कला एक ईश्वरीय देन है हर लोगों में कुछ ना कुछ प्रतिभाएं छुपी होती है चाहे वह खेल के क्षेत्र में हो, शिक्षा के क्षेत्र में हो, नृत्य कला के क्षेत्र में हो या फिर छोटे से कोरे कागज पर आकृतियां बनाने की कला हो। आज जमुई जैसे पिछड़े क्षेत्र में भारतीय कला महाविद्यालय की शाखा खोलकर कला के क्षेत्र में कलाकारों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। जिस कला को सीखने के लिए कलाकारों को अपने घरों से दूर पटना, कोलकाता, दिल्ली एवं मुंबई जैसे शहरों में जाना पड़ता था अब उन्हें कला के क्षेत्र में मैट्रिक, इंटर, स्नातक की डिग्रियां प्राप्त करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। आप कला के क्षेत्र में जाकर अपने जीवन का कैरियर तलाश सकते हैं आज देश के विभिन्न विद्यालयों में संगीत एवं लोक कला शिक्षक की आवश्यकताएं होती है आप कला के क्षेत्र में ज्ञान अर्जित कर लाखों रुपए महीने अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने जमुई के त्रिपुरारी Singh वह सूरज गुप्ता का परिचय देते हुए कहा की यह जमुई के लाल अपने कलाकारी के दम पर मुंबई जैसे महानगरों में भी अपनी पहचान बना कर अपने जिला एवं देश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं । वरीय शिक्षक दिनेश मंडल ने अपने कविताओं के माध्यम से गणेश वंदना एवं गणेश स्तुति गाकर लोगों को कला के बारे में बताया उन्होंने बताया कि एक समय में कलाकारों में इतनी शक्तियां हुआ करती थी की पत्थर को फूल और फूल को पत्थर बन जाते थे आज भी हमारे देश में ऐसे अनेकों कलाकार हैं जो कला के क्षेत्र में धन उपार्जन कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। केकेएम कॉलेज के प्रोफेसर डॉ० गौरीशंकर पासवान ने कहा कि प्रतिभाएं हर एक व्यक्ति में होती हैं जरूरत है अपने अंदर के कला को बाहर निकालने की अपने सोच और अपने कल्पनाओं की उड़ान भरने की, उन्होंने कहा कि जिस कला को सीखने के लिए अपने घरों से दूर जाना पड़ता था लेकिन अब अपने जमुई जिले में ही प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन होने से कलाकारों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी उन्होंने संस्था के संस्थापक डायरेक्टर टिंकू पासवान की तारीफ करते हुए कहा कि इन्होंने जिस प्रकार से जमुई से कलाकारों के लिए कलाकारों के अंदर की प्रतिभाओं को उभारने के लिए कला के क्षेत्र में अपने संभावनाओं को तराशने के लिए जो प्लेटफार्म बनाया है वह अपने आप में सराहनीय है। संस्था के संस्थापक सह डायरेक्टर टिंकू पासवान ने कहा कि मैंने कई वर्षों से सोचा था कि क्यों ना जमुई में एक कला का केंद्र हो जहां बच्चे एवं बच्चियों को पेंटिंग, नृत्य, वादन एवं संगीत की कला सिखाई जाए लेकिन आज हमारा सपना आप सबों के सहयोग से पूरा होता दिख रहा है यह संस्था प्राचीन कला महाविद्यालय, चंडीगढ़ के द्वारा मान्यता प्राप्त है जहां बच्चे को कला के क्षेत्र में अपने जीवन को सुख में और आनंद में बनाने के लिए कला की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कला के माध्यम से हमारे संस्था द्वारा मैट्रिक, इंटर एवं स्नातक की डिग्रियां प्राप्त कर राज्य एवं देश के विभिन्न विद्यालयों में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम को वरीय शिक्षक दिनेश मंडल, केकेएम कॉलेज के प्रोफेसर डॉ० गौरी शंकर पासवान, केकेएम कॉलेज के प्रोफेसर गोयल सर, होली मिशन स्कूल के डायरेक्टर, शिक्षक मुकेश सर एवं संस्था के जिला मीडिया प्रभारी नितेश कुमार केसरी संबोधित किया। मौके पर समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, अभिभावक एवं दर्जनों की संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित हुए।

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