बिहार पंचायत में धांधली पर रोक लगाने के लिए नया आदेश, बुर्के या घूंघट में नहीं दे सकते वोट



बिहार पंचायत चुनाव में किसी भी तरह की धांधली या फर्जी वोट ना लोग डाल सके. इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग लगातार मुहीम चला रखी है. इसी क्रम में अब राज्य निर्वाचन आयोग के नये निर्देश जारी किए हैं. जिसके अनुसार इस बार पर्दानशीं महिलाएं फर्जी मतदान नहीं कर पाएंगी. आयोग ने इसके लिए बूथों पर अलग से महिलाकर्मियों को प्रतिनियुक्त करने का फैसला लिया है. बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को इससे जुड़ा एक निर्देश पत्र जारी कर दिया है.

इस कार्य में लगे महिलाकर्मियों को प्रतिदिन 250 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. इसमें आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन बूथों पर पर्दानशीं महिलाओं की संख्या ज्यादा है, वहां अलग से एक महिला चुनावकर्मी की प्रतिनियुक्ति की जाए. महिला चुनावकर्मी बूथों पर आने वाली महिलाओं की पहचान करेंगी, इसके बाद ही वह वोट डाल पाएंगी. बता दें कि बिहार के पंचायत चुनाव में वोटर्स की संख्या 6 करोड़ 38 लाख है. इसमें महिला वोटर्स की संख्या 3 करोड़ 3 लाख है. वहीं, पुरुष वोटर्स की संख्या 3 करोड़ 35 लाख है.

गौरतलब है बिहार पंचायत चुनाव के लिए 2 सितंबर से शुरू हुई पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया के पूरे होने में महज एक दिन है. 8 सितंबर को नॉमिनेशन की अंतिम तिथि है. नामांकन पत्रों की समीक्षा 11 सितंबर को की जाएगी और नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 13 सितंबर है. इस चरण के लिए प्रतीक या चुनाव चिन्ह का आवंटन 13 सितंबर को किया जाएगा. इस फेज के लिए मतदान 24 सितंबर को होनी है. यानी प्रत्याशियों के लिए कुल 11 दिन प्रचार का समय मिलेगा. इसके साथ ही 24 को मतदान संपन्न होने के बाद 26 सितंबर को मतगणना हो जाएगी और इसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे.

कोई टिप्पणी नहीं