बच्चे को ऑफलाइन शिक्षा देने की मंजूरी दिये जाने पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने दिया बधाई।



जमुआ झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन समिति ने वर्ग 6 से 8 तक के विद्यालयों में विद्यार्थीयो को स्कूल  आकर ऑफलाइन शिक्षा की मंजूरी दिये जाने को लेकर झारखंड़ प्राथमिक शिक्षक संघ  जमुआ इकाई ने  झारखंड सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है साथ ही बधाई दिया है।संघ की सदस्य अजित कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार के आदेशानुसार सभी स्कूलों के विद्यालय प्रबंध समिति के बैंक एकाउंट को शून्य कर दिया गया है।ऐसी स्थिति में विद्यालय की साफ सफाई सैनीटाइज राशि के अभाव में हो पाना मुश्किल है।कहा कि मध्याह्न भोजन का संचालन भी फिलहाल संभव नही है क्योंकि सरकार के आदेशानुसार सरस्वती वाहिनी संचालन समिति की राशि भी शून्य कर दिया गया है।ऐसी परिस्थिति में विद्यालय को सेनिटाइज करना और मध्यह्न भोजन का संचालन राशि आने तक संभव प्रतीत नही हो रहा है।साथ ही कहा है कि अक्टूबर 2020 से सितंबर 2021 तक बच्चों को सरस्वती वाहिनी संचालन समिति को सिर्फ चावल ही दिया गया।कोरेना काल में पूरे एक वर्ष से मध्यह्न भोजन की राशि अब तक नही दिया गया है। विभाग सूखा पेकेटिंग राशन देने की तैयारी कर रही है जिससे कमीशन का खेल हो सके। अभी तक 65प्रतिशत बच्चों को मध्यह्न भोजन योजना का लाभ मिल रहा है।झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ सभी बच्चों को मध्यह्न भोजन योजना का लाभ देने की मांग करती है।

मांग करने वालों में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य  प्रतिनिधि अजित कुमार,प्रखंड अध्यक्ष जमुआ 1 गिरीश राय, सचिव बिनोद राम गुप्ता, अध्यक्ष जमुआ 2 के रंजीत कुमार वर्मा, सचिव उदय शंकर उपाध्यक्ष, सदानंद पांडेय ,ओम प्रकाश सिन्हा ,संयुक्त सचिव विजय कुमार ,बदरुद्दीन आलम, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ,राजीव कुमार , उमेश चौधरी, सबिता मिश्रा, सरिता कुमारी ,बसंती कुमारी ,संजीता कुमारी ,रामचंद्र यादव, प्रमोद कुमार, बसंत सिंह ,संदीप कुमार, महादेव मंडल, टेकलाल रविदास, आदि शिक्षक की नाम शामिल है।

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