सात दशक बाद भी अलुवारा दलित टोला में नहीं नहीं जली बिजली, ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए दी सड़क पर उतरने की धमकी



 सारठ : आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी प्रखंड के ग्राम-पंचायत अलुवारा के दलित टोला में बिजली नहीं जलने से नाराज टोले वासियों ने सोमवार को टोले में लगे ट्रांसफार्मर के पास खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन किया और सड़क पर उतरने की धमकी दी है। विरोध जता रहे ग्रामीणों ने कहा कि टोले में बिजली की मांग को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समुचित पहल की मांग की। लेकिन फिर भी हालत जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण जयकुमार मेहरा ने बताया कि टोले में बिजली पहुंचे इसके लिए टोले वासियों ने हमेशा आवाजें उठाती रही है और हर बार उन्हें आश्वासन का घूंट पिलाया जाता है। बताया कि वर्ष 2014 में टोले में बिजली के पोल गाढ़े गये थे। वहीं वर्ष 2019 में टोले में ट्रांसफार्मर लगा और एलटी तार भी खींचा गया था, लेकिन फिर भी बिजली नहीं जली। जिसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान टोले वासियों ने बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा देते हुए वोट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। लेकिन मीडिया में वोट बहिष्कार की खबरें आने पर सारठ के तत्कालीन बीडीओ साकेत कुमार सिन्हा, थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह और पथरड्डा ओपी के थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने टोले में पहुंचकर ग्रमीणों को समझा बुझाकर चुनाव के एक सप्ताह बाद ही टोले में बिजली जलवाने का आश्वासन दिया था और ग्रामीणों को वोट देने के लिए राजी कर लिया। लेकिन चुनाव खत्म हुए लगभग दो वर्ष बीतने के बाद भी आज तक उस टोले में बिजली नहीं जली और टोले में लगा ट्रांसफार्मर लोगों के मुंह चिढ़ा रही है। वहीं बताया कि टोले में बिजली पहुंचे इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधी से लेकर प्रखंड प्रशासन से भी पहल करने की मांग की, लेकिन फिर भी सार्थक पहल नहीं हुआ। 

झारखंड राज्य के गठन के 21 वर्ष होने के बाद में अलुवारा दलित टोले में बिजली नहीं जलने की बात सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन यह कड़वी सच्चाई है। रांगासिरसा-करौं मुख्य पथ स्थित 55 घरों के अलुवारा दलित टोला में बिजली नहीं पहुंचना में भी एक विडंबना से कम नहीं है। विरोध जता रहे लोगों का कहना था कि विभाग द्वारा पूरे टोले में एलटी तार खिंचवा दिया गया है, ट्रांसफार्मर तक के लिए 11000 मैन लाइन का भी तार खींचा गया है, लेकिन जिस रास्ते से टोले में 11000 मैन लाइन का तार आया है। उसी में हीरापुर गांव के बिच्छु मंडल और बासुदेव मंडल अपने जमीन पर 11000 मैन लाइन का तार को पार करने से रोक रहे हैं और विभाग वैकल्पिक कदम भी नहीं उठा रही है। नतीजा आज तक टोले में बिजली नहीं पहुंची और आये दिन चोरों द्वारा बिजली तार की चोरी भी की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे और अधिकार के लिए सड़क पर ही उतरेंगे।विरोध प्रदर्शन करने वाले ग्रमीणों में मुख्य रूप से जयकुमार महरा, बिनोद महरा, सतीश दास, गंधारी महरा, लोबिन महरा समेत अन्य कई मौजूद थे।

वहीं इस संदर्भ में सहायक विद्युत अभियंता रोशन कुमार का कहना है कि हीरापुर गांव के कुछ लोगों के वजह से 11000 मैन लाइन को नहीं जोड़ा गया है, नतीजा टोले तक बिजली नहीं पहुंची है। सहायक अभियंता ने कहा कि वरीय अधिकारियों से संपर्क करके एक बार मैन लाइन जोड़ने से मना करने वालों से बात करके कोई रास्ता निकालने का प्रयास किया जायेगा और जल्द टोले तक बिजली पहुंचाई जायेगी।

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