संभावित कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के रोकथाम और बचाव को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन



उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार आज दिंनाक 01.09.2021 को कोविड-19 महामारी के संभावित तीसरी लहर से निपटने हेतु उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन के सभागार में किया गया। इस दौरान महामारी विशेषज्ञ डॉ. मनीष शेखर, द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव और इसकी रोकथाम के तरीको की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कोविड-19 के तीसरे लहर से बचाव हेतु जिला स्तर के अधिकारियों एवं प्रखंड/पंचायत स्तर पर इस महामारी के तीसरे लहर से बचाव हेतु सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिया गया। आगे उन्होंने कहा कि कोरोना अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इससे बचने के लिए पूरी तरह से सजग रहना है और लोगों को जागरूक करना अतिआवश्यक है। डॉ. मनीष द्वारा बताया गया कि ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर से बच्चे भी संक्रमित हो सकते है। अतः बच्चों का विशेष ख्याल रखा जाय। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनीष द्वारा बताया गया कि जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों को संक्रमण से बचाव के तौर-तरीके एवं देखभाल अतिआवश्यक है।

इसके अलावे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान i.got साईट के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया की i.got गवर्नमेंट साइट है। इसके अंतर्गत कोविड-19 से संबंधित जैसे - लक्षण, बचाव के तरीके, ऑक्सीजन लेवल की जानकारी दी गई है। इस साइट पर जाकर सेल्फ रजिस्ट्रेशन कर आसानी से ट्रेनिंग कोर्सेज किया जा सकता है जिसके उपरांत ट्रेनिंग कोर्स कंप्लीट होने के बाद आसानी से सर्टिफिकेट जनरेट हो जाता है।

https://igot.gov.in/explore-course/course/do_312993264544849920136

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता श्री चंद्रभूषण प्रसाद सिंह द्वारा जानकारी दिया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर लोगो के बीच कोरोना प्रबंधन की समझ को विकसित करना एवं बच्चों के रख रखाव के बारे में शिक्षित किया जाना है। आगे उन्होने जानकारी दी कि जिले में कोरोना के संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने हेतु कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत बच्चों हेतु भी कोविड-19 के तीसरे लहर के दौरान प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने हेतु अस्पतालों को चिह्नित कर व्यापक सुविधाए सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डीआरडीए निदेशक  नयनतारा केरकेट्टा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के इस वायरस से बचने के लिए हैंड वाशिंग बहुत ही आवश्यक है। इसके अलावा छींकते, खांसते समय अपनी बांह का प्रयोग करे अथवा मुंह पर रुमाल या टिशु पेपर रखें। रुमाल या टिशू पेपर को 6 से 8 घंटे में प्रॉपर तरीके से डिस्पोज या डिस्ट्रलाइज्ड करें, ताकि वायरस के फैलाव से रोका जा सके। आगे उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाएं, शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करें, बार-बार साबुन से हाथ धोएं और सेनेटाइजर लगाएं। खांसी-जुकाम व बुखार की स्थिति होने पर तत्काल चिकित्सकों का परामर्श लें। कोविड के हल्के-फुल्के लक्षण दिखाई देने पर अपनी जांच कराए। साथ ही सबसे जरूरी सभी कोविड का टिका लगवांए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावे जिला समाज कल्याण पदाधिकारी  परमेश्वर मुंडा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी  रवि कुमार, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी  राजीव कुमार, डॉ. मंजुला मुर्मू, डाॅक्टर प्रेम प्रकाश, डाॅक्टर अशोक कुमार अनुज, सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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