नेशनल लोक अदालत में 7581 मामले का निष्पादन व 153828769 रूपये की राजस्व वसूली की गयी



जमशेदपुर :  झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जमशेदपुर एवं घाटशिला कोर्ट में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हाइब्रिड माध्यम से किया गया।  इस राष्ट्रीय लोक अदालत  का ऑनलाइन उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  श्री नलिन कुमार द्वारा गूगल मीट के द्वारा किया गया। इस  दौरान उन्होंने लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि  आज देश भर में में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, श्री नीरज श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखें। राष्ट्रीय लोक अदालत में जमशेदपुर न्यायालय में 15 बेंचो एवं घाटशिला न्यायालय में 2 बेंच का गठन किया गया।

       आज के इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 7581 मामलों का निष्पादन किया गया एवं 15,38,28,769(पंद्रह करोड़ अड़तीस लाख अठाईस हजार सात सौ उन्हत्तर रुपये की वसूली की गई। इस बार चेक बाउंस के मामलों के निष्पादन हेतु स्पेशल ड्राइव चलाया गया था जिस पर कुल 149 मामलों का निष्पादन किया गया।

   इस लोक अदालत में बाल मजदूरी प्रतिषेध अधिनियम के मामलों का भी निष्पादन किया गया एवं झारखंड में पहली बार इस अधिनियम के तहत पीड़ित बच्चों को सरकार के विभिन्न लाभकारी योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।

जनवरी 2020 में एक बुज़ुर्ग दंपति के पुत्र की मृत्यु  मोटर वाहन दुर्घटना में हो गई थी। इस मामले में के  बुजुर्ग माता-पिता को 6000000 (साठ लाख) रुपये का चेक मुआवजा के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री नलिन कुमार द्वारा दिया गया। 

      फैमिली कोर्ट के बेंच में 25 मामलों में पति-पत्नी को मिलाया गया। एक मामले में पति पत्नी 4 सालों से अलग रह रहे थीं । पति के द्वारा फैमिली कोर्ट में दाम्पत्य जीवन पुनर्स्थापना  के लिए  आवेदन दिया गया था। इस मामले को प्री लोक अदालत ऑनलाइन सेशंस में भी रखा गया था ।पति पत्नी को समझाया गया एवं  दोनों के बीच के झगड़े को इस लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया गया। अभी दोनों खुशी-खुशी साथ रह रहे हैं।

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