36 वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम को लेकर सहिया साथी को दी गई प्रशिक्षण।



नाला (जामताड़ा)--शनिवार को नाला सीएचसी के सभागार 36 वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम को लेकर सहिया साथी की एक दिवसीय प्रशिक्षण हुई। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० नदिया नंद मंडल ने की। इस अवसर पर अभियान के उद्देश्य ,नेत्रदान के महत्व आदि के बारे में व्यापक पैमाने पर जन जागरूकता पैदा कराने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई साथ ही बताया गया कि 25 अगस्त से 8 सितंबर 2021 अभियान के तहत व्यापक पैमाने पर ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाना है ताकि अधिक से अधिक लोग मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की ओर प्रेरित हो। इस अवसर पर बताया गया कि नेत्रदान महादान है। इसी क्रम में डॉ० रामकृष्ण बाबू के द्वारा नेत्रदान के बारे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि स्त्री पुरुष केवल अपनी मृत्यु के पश्चात ही नेत्रदान कर सकते हैं ।नेत्र दान से केवल कार्निया से नेत्रहीन व्यक्ति ही लाभान्वित हो सकते हैं ।कार्नियल अंधापन दृष्टि के नुकसान कार्निया की क्षति जो कि आंखों की अगली परत है, के कारण ही होता है। कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी उम्र, लिंग ,रक्त समूह और धर्म का हो वह अपनी आंखें दान कर सकता है ।कार्निया को मृत्यु के 1 घंटे के भीतर निकाला जाना चाहिए ।नेत्र दाता दो कार्निया से नेत्रहीन व्यक्तियों की दृष्टि बचा सकता है ।नेत्र निकालने में केवल 10 से 15 मिनट लगते हैं तथा चेहरे पर कोई निशान या विकृति नहीं होती है ।दान की गई आंखों की खरीद या बेचा नहीं जाता है इसलिए नेत्रदान को नहीं ना कहें। पंजीकृत नेत्र दाता बनने के लिए अपने नजदीकी नेत्र बैंक से संपर्क कर सकते हैं ।इस दौरान उन्होंने नेत्र बैंक के लिए 1919 पर संपर्क करने की भी बातें कहीं ।इस दौरान उन्होंने नेत्र दाता के मृत्यु के उपरांत उपस्थित व्यक्ति हेतु आवश्यक दिशा निर्देश के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी कहा कि नेत्रदाता की पलकें बंद करें ।पंखा बंद करें ।मृतक का सिर तकिए के नीचे रख कर थोड़ा ऊपर उठाएं ।जल्द से जल्द अपने नजदीकी नेत्र बैंक के लिए 1919 पर संपर्क करें सहित विभिन्न बिन्दुओं की जानकारी दी साथ ही सभी सहियासाथी को गांव-गांव अपने स्तर से लोगों को जागरूक और प्रेरित करने की भी बातें कहीं गई। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० नदिया नंद मंडल के अलावे नोडल चिकित्सक डॉ० रामकृष्ण बाबू ,डॉक्टर गुनीता लोइतोंगबम, लेखा प्रबंधक सूरज कुमार वर्मा,बीपीएम जितेंद्र कुमार पप्पू ,संगणक गयासुद्दीन अंजाम, मलेरिया सुपरवाइजर अहमद रजा परवेज, परवेज आलम , बीटीटी अंजु माजि के अलावे सहिया साथी मान कुमारी घोष ,हाय रानी पाल, राशमनी महतो, चित्रा मंडल,दासी मुनी हांसदा, सोनामुनी हांसदा,सबिता दास, सरस्वती गोरांई, बबीता भुंई,सबीना खातून सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।

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