सुरक्षित गांव हमर गांव की तर्ज पर जिले के 194 पंचायतों में होगा विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन:- उपायुक्त



राष्ट्रीय पोषण माह के तहत  दिनांक 01.09.2021 को समाहरणालय परिसर से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री द्वारा पोषण जागरूकता एलईडी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।  इस दौरान रथ के सही मोनेटरिंग और शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के टोला, मोहल्ला हाट, बाजार में रथ को भ्रमनसील रहकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ हीं कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने पोषण माह के सफल संचालन व जिले में चलने वाले विशेष जागरूकता अभियान के तहत सेल्फी प्वाइंट, हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत के अलावा एलईडी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 

इस दौरान मौके पर मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि आज के समय में कुपोषण हमारे समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। इसे दूर करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करते हुए लोगों के बीच जागरूकता लाने की आवश्यकता है। हम सभी को चाहिये कि अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हुए दूसरों को भी ऐसा करने हेतु प्रेरित करें। इसके लिए सही आहार,  सही आदतें एवं अपने आस-पास स्वच्छता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। ऐसे में सुरक्षित गांव, हमर गांव के तर्ज पर जिले के सभी 194 पंचायतों में विशेष जन जागरूकता अभियान को आयोजन किया जायेगा, ताकि लोगों को पोषण मुक्त समाज बनाने की दिशा में सजग किया जा सके। 01 से 30 सितम्बर तक  चलने वाले पोषण अभियान को एक जनभागीदारी, जन आंदोलन की तरह चलाने के उद्देश्य से सभी का सहयोग आपेक्षित है, ताकि देवघर जिले को पूर्ण रूप से कुपोषण मुक्त बनाया जा सके। साथ ही सभी से मेरा आग्रह होगा कि अपने घरों में किचन गार्डन को अपनायें। इसमें सब्जी उत्पादन का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि पूरे परिवार को साल भर ताजी शाक-सब्जी मिलती रहे और परिवार के सदस्यों को पोषण स्तर बना रहे। इसके अलावे मनरेगा के तहत दीदीबाड़ी योजना से जुड़कर इसके द्वारा आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। 

इसके अलावे उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव शरीर के लिए सही पोषण के महत्व और भूमिका पर प्रकाश डालना है। आवश्यक पोषक तत्वों और कैलोरी के संयोजन के साथ एक संतुलित आहार मानव शरीर के सुचारू रूप से काम करने और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण है कि समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग के लोगों तक कुपोषण के कारणों की जानकारी आसानी से पहुंचाई जाए। दूसरी तरफ बच्चों, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को पौष्टिक आहार, एनीमिया, स्वच्छता और साफ सफाई के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करने का प्रयास सही तरीके से किया जायेगा, ताकि शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करते हुए जीवन में पोषण के महत्व को बताया जा सके। दूसरी ओर जन्म से लेकर 1000 दिन तक के बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। 

■ पोषण रथ के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का किया जाएगा प्रयास- उपायुक्त....

पोषण रथ के माध्यम से विभिन्न प्रखण्डों, पंचायतों में विशेष रुप से टीकाकरण, खान पान, पौष्टिक आहार, उचित पोषण, स्वच्छता एवं साफ सफाई, डायरिया एवं अनीमिया के रोकथाम प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर विशेष जानकारी दी जाएगी। साथ ही गर्भवती महिलाएं, धात्री माताओं तथा नवजात शिशु, किशोरियों एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य बनाये रखने की जानकारियों से अवगत कराएंगे।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे अपर समाहर्ता  चन्द्र भूषण प्रसाद सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर  सौरव कुमार भुवानिया, प्रशिक्षु आईएएस अनिकेत सच्चान, डीआरडीए निदेशक,  नयनतारा केरकेट्टा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी परमेश्वर मुण्डा, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, कार्यपालक दण्डाधिकारी मीनाक्षी भगत, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी राजीव रंजन, स्वास्थ्य विभाग से डॉ0 मंजूला मुर्मू, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी  रोहित कुमार विद्यार्थी, विभिन्न प्रखंडो के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सेविका, सहिया एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

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