टाटा मोटर्स में हुआ 10.6 प्रतिशत बोनस जबकि 281 हुए स्थाई।



जमशेदपुर : शुक्रवार को टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन और प्रबंधन के बीच बोनस समझौता संपन्न हुआ । कंपनी के  जनरल ऑफिस  स्थित सभागार में आयोजित बोनस वार्ता के दौरान समझौता पत्र पर प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड  विशाल बादशाह , एचआर हेड श्रीनिवासन , पीआईआर हेड दीपक कुमार एवं अन्य हस्ताक्षर किए । जबकि यूनियन की ओर से अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते, महामंत्री आरके सिंह हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर यूनियन के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। 

बताया गया कि 10.6% बोनस देने पर सहमति बनी।  जो  मुद्रा के रूप में कर्मियों को औसतन ₹38200 मिलेंगे। वहीं  अधिकतम ₹50200 मिलेगा। समझौते में खास बात यह रही कि इस बार 281 अस्थाई कर्मियों को स्थाईकरण किया जाएगा। जो बड़ी उपलब्धि है। जिसमें प्लांट में कार्यरत 276 अस्थाई कर्मी स्थाई होंगे वही हॉस्पिटल में काम करने वाली पांच नर्से भी इस समझौते के तहत स्थाई होंगीं। 

समझौता संपन्न होने के पश्चात यूनियन के अध्यक्ष एवं महामंत्री ज्योंहि बाहर आएं कर्मियों ने कंपनी गेट पर अपने नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। 

स्वागत में ढ़ोल नगाड़े बजे। अध्यक्ष व महामंत्री को माला पहनाकर स्वागत किया गया ,  सबों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया । कुल मिलाकर विश्वकर्मा पूजा पर इस बार का बोनस समझौता खुशनुमा रहा। बाद में  जुलूस के  शक्ल में सभी एक नंबर गेट से लेवर ब्यूरो स्थित यूनियन ऑफिस पहुंचे। महामंत्री आरके सिंह इस सौहार्द्रपूर्ण बोनस  समझौता संपन्न पर प्रबंधन , यूनियन के सहयोगियों तथा मजदूरों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महामारी के विषम परिस्थितियों में भी कंपनी अपने कर्मचारियों, ठेका मजदूरों, अस्थाई कर्मियों को वेतन देकर मिसाल कायम किया। और अब 281 अस्थाई कर्मियों को स्थाईकरण तथा 10.6  प्रतिशत बोनस देकर हर मजदूरों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश की गई है। 

अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते ने कहा कि  टाटा मोटर्स के इतिहास में पहली बार विश्वकर्मा पूजा के दिन बोनस समझौता हुआ है। जो मजदूरों के लिए खुशी की बात है।  बाद में धन्यवाद ज्ञापन वीके शर्मा ने किया।

कोई टिप्पणी नहीं