जहानाबाद में मान्यवर आर0 सी0 पी0 सिंह - एक समीक्षा



आश्चर्य जनक लेकिन सत्य है कि जहानाबाद में मान्यवर आर0 सी0 पी0 सिंह अपना व्यक्तिगत  , सरकारी ,सामाजिक और राजनैतिक सबकुछ छोड़कर मान्यवर नीतीश कुमार टनटन प्रदेश अध्यक्ष सवर्ण प्रकोष्ठ जदयू बिहार के साथ चल दिये ।  जैसे ही मान्यवर आर0 सी0 पी0 सिंह अम्बेडकर चौक जहानाबाद आये। बाबा साहेब के प्रतिमा पर माल्यार्पण किये और  अपनी गाड़ी छोड़कर , सरकारी सभी तरह के सुरक्षा छोड़कर, अपने साथ चल रहे सभी नेताओं को छोड़कर मान्यवर टनटन जी की गाड़ी में साथ  बैठकर चल दिये। और स्वामी सहजानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कुछ देर में वापस अम्बेडकर चौक लौटे और तब अपनी गाड़ी में बैठकर सभी सरकारी सामाजिक राजनैतिक लोगों को साथ लेकर आगे बढ़े।

जहानाबाद के जन्में-पले -बढ़े मान्यवर नीतीश कुमार टनटन जी लोकल पोलटिक्स से हमेशा दूर, अनजान और अछूता रहे लेकिन देश प्रदेश के राजनीति में बुद्ध की तरह एक स्थान पर बैठकर दसकों से साधना में लीन रह कर पूर्ण राजनैतिक बुद्धत्व को प्राप्त किये।

पटना विश्वविद्यालय से छात्र नेता बन मान्यवर नीतीश कुमार माननीय मुख्यमंत्री बिहार के बुरे दिन के साथी बन समता पार्टी से जुड़ गए और आज तक लगातार अपने नेता के साथ सहयोग में हैं।जदयू नेतृत्व और संगठन ने मान्यवर टनटन जी की काबलियत और कर्मठता का मूल्यांकन किया और उनके लिये संगठन के संविधान में  संशोधन कर एक नए पद- प्रकोष्ठ सवर्ण प्रकोष्ठ का गठन कर उनको  अध्यक्ष बनाया गया है । सुनने में किसी को साधारण बात लग सकती है लेकिन समझने की कोशिश करें तो यह एक बड़ी बात है। मान्यवर डॉ नीतीश कुमार टनटन जी के लिये यह एक बड़ी उपलब्धि है। भारतीय समाज में  सवर्ण  का संवैधानिक अर्थ होता है - समाज का सामाजिक- शैक्षणिक- आर्थिक सभी दृष्टिकोण से अगड़ा  वर्ग।  किसी व्यक्ति को सवर्ण समाज का नेता बनना एक बड़ी बात होती और  डेढ़ दसकों से सत्ता सरकार में रहने वाला राजनैतिक संगठन के द्वारा किसी व्यक्ति को सवर्ण समाज का नेता बनाना बहुत बड़ी बात है।इस तरह डॉ टनटन जी की यह उपलब्धि एक बड़ी उपलब्धि है। जदयू के लिये मान्यवर टनटन जी  बिहार गौरव हैं।एक  सधे सुलझे नेतृत्व कर्ता हैं।

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