सांप्रदायिक सद्भभावना का हसीन नमूना है मधुपुर शहर के लखना कर्बला



मधुपुर 20 अगस्त: मधुपुर शहर अकीदत्त व हेतराम के साथ मनाया गया मोहर्रम के दसवीं तारीख योमें आशुरा जो अमन शांति के साथ गुजर गया कोविद19 के कारण इस वर्ष भी कहीं से नहीं निकले अखाड़े का जुलूस प्रशासन पूरी तरह से चूसत दुरुस्त हर चोक चोराहे पर पुलिस जवान तायनात देखा गया ताकि अफवाह के कारण शहर का माहोल खराब ना हो सके इसको लेकर अनुमंडल पदाधिकारी सोरभ भूवानिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद रवानी अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट परमेश्वर कुशवाहा पुलिस जवानों के साथ गश्त करते रहे वही शहर की लखना मोहल्ला इतिहासी कर्बला शहर के प्रतीक पर कई ऐसे प्रतीक भी है जो किसी धर्म विशेष के लिए नहीं बल्कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई के लिए सामान रूप से महत्वपूर्ण और श्रद्धासपद है इस प्रतीक में लिखना कर्बला भी शुमार है मोहर्रम के दशमी यानी योमें आसू रा के दिन  आयोजित वार्षिक उत्सव में हिंदू मुस्लिम सिख इसाई यहां एक साथ पहुंचकर अपनी-अपनी फरियाद करते हैं और मन्नत मांगते हैं और मनोकामना होने पर श्रद्धालु   सिरनी चादर कर्बला में चढ़ाते हैं और चेहरे पर मुस्कान लिए घर वापस लौटे हैं सांप्रदायिक सद्भाव का अदभूत केंद्र लखना कर्बला का इतिहास बुजुर्गों को भी ठीक-ठाक से पता नहीं अनुमंडल मुख्यालय से आधा किलो मीटर दूर लखना कर्बला मैं बिहार बंगाल झारखंड के विभिन्न शहरों  गांव से हजारों की संख्या में लोग अपने मन्नत लिए पहुंचते हैं इसमें शोषित  लाचार लोग यहां कामनासिद्धि के लिए भी पहुंचते हैं विशेषकर इस कर्बला में गुरुवार और शुकवार मन्नत मांगने विशेष कर लोग पहुंचे रहते हैं इस दिन लाभ प्रद माना जाता है मोहर्रम के दसवीं तारीख को इस कर्बला में इतिहासिक लोग अपनी मन्नत के साथ पहुंचते है और दुआ फातिहा चादर  पोसी करते हैं . मोहर्रम को लेकर लोगों के बीच  मास्क का वितरण भी किया गया. इस अवसर पर कमेटी की ओर से कोविड नियम का नियमों का पालन कराया गया. वही कर्बला कमेटी की तरफ से हर तरह की सुविधा के लिए इंतजाम किया जाता है कर्बला को दुल्हन की तरह लाइट बिजली और फुलझड़ी से सजाया जाता है वही कई संस्था तंजीम की तरफ से  लंगर शरबत जैसे श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की जाती है ताकि आने वाले श्रद्धालु को किसी तरह की दिक्कत और  परेशानी का सामना नहीं करनी पड़े कर्बला कमेटी के सचिव परवेज मोहम्मद  जिलानी, अध्यक्ष एजाज अहमद, मस्जिद अंजुमन के सचिव रजा मुराद, नयाब अख्तर, साजिद हमीद, मोहम्मद अली, अकील अहमद , अल्तमस, सद्दाम अंसारी, जाकिर अनवर, मोहम्मद सफाखत समेत कर्बला कमेटी के दर्जनों सदस्य कार्यकर्ताओं श्रद्धालु की खिदमत में जूठे रहते हैं!

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