केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीति के खिलाफ सीपीआई ने दिया धरना।

 


संवाददाता नाला (जामताड़ा)--पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को नाला प्रखंड मुख्यालय के समक्ष भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीति के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम किया गया। मालूम हो कि मंचीय कार्यक्रम के पूर्व जिला सचिव कन्हाई माल पहाड़िया के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भव्य रैली के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विरोध में नारे लगाते हुए पूरे बाजार का भ्रमण किया।  इस भव्य जन आक्रोश रैली में महिलाएं पुरुष तथा सभी वर्ग संप्रदाय के लोग शामिल हुए। पूरे बाजार भ्रमण के पश्चात भव्य रैली प्रखंड मुख्यालय में आकर सभा में तब्दील हो गई वहीं मंच कार्यक्रम का सभापतित्व प्रखंड प्रमुख जियाराम हेम्ब्रम ने की जबकि मंच का संचालन अंचल सचिव कालीपद राय ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर झारखंड राज्य परिषद सहायक मंत्री राजेंद्र प्रसाद यादव, राज्य कार्यकारिणी सदस्य पीके पांडे , जिला सचिव कन्हाई माल पहाड़िया आदि मुख्य रूप से मंचासीन थे। मालूम हो कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीति के खिलाफ सभी कार्यकर्ताओं ने बारी-बारी से संबोधन किया और केंद्र एवं राज्य सरकार की आलोचना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि झारखंड राज्य परिषद सहायक मंत्री राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना क्या इस दिन के लिए हुई थी यह लोकतंत्र नहीं राजतंत्र बन कर रह गई। आज केंद्र एवं राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण गरीब गुरवे का जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पूरे देश को बेच कर खा जाएगा और धीरे-धीरे देश कंगाल की स्थिति में आ जाएगी।  उन्होंने कहा कि मोदी ने सारे चीज को बेच दिया बिजोलिया धनी हो रहा है वही गरीब किसान गरीब हो रहे हैं उन्होंने यूपी सरकार की भी आलोचना की कहा कि यूपी में महिलाएं सुरक्षित नहीं है दिन प्रतिदिन महिलाओं पर अत्याचार बलात्कार आदि कांड हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाल झंडा परिवर्तन की लड़ाई आजादी के पूर्व से कर रही है और आज भी निरंतर करती रहेगी ।उन्होंने सभी लोगों को जागरूक किया और कहा कि इन दोनों को पहचाने यह देश को बेच कर खाने वाला है जल जंगल जमीन की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।उन्होंने कहा कि मोदी के शासनकाल में श्रम कानून को भी नष्ट कर दिया गया मंदिर, मस्जिद के नाम पर लोगों को लड़ा कर मुख्य मार्ग से भटका दिया। आज देश संकट की ओर जा रहा है, हमें अपने राज लाने के लिए क्रांति करनी होंगी। राज्य कार्यकारिणी सदस्य पीके पांडे ने कहा कि भाजपा नेता केंद्र की सरकार मोदी सरकार झूठ की बुनियाद पर टिका हुआ है दो करोड़ लोगों की रोजगार की बात कही थी परंतु टाइम टाइम फिर साबित हो रही है देश में विगत 9 महीने से दिल्ली बॉर्डर में किसान बैठे हुए हैं तीन काला कृषि कानून के विरोध में आखिर क्यों? उन्होंने कहा कि यह सारा बिल कानून कारपोरेट घरानों के लिए खोल दिया गया है।  तीन काला कानून ,कृषि बिल गरीब किसानों के लिए काल बनकर सामने खड़ी है। आज मोदी सरकार देश के अंदर बैंक ,रेल ,सभी संस्थानों को बेच रही है । यह किसान विरोधी ,गरीब विरोधी सरकार 460 रेलवे स्टेशन बेच दिया , 56 सवारी गाड़ी बेच दी ।यह नालायक सरकार देश के पूर्वजों की संपत्ति को बेच रही है ।हम ऐसा हरगिज़ नहीं होने देंगे। लाल झंडा ऐसे अन्याय को होने नहीं देगी इसके लिए लड़ाई करते रहे हैं और करते रहेंगे ।उन्होंने सभी लोगों को जागरूक और एकजुट होकर ऐसे भ्रष्ट और गरीब विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सचिव कन्हाई माल पहाड़िया ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी एवं राजग गठबंधन की सरकार बनी है वह लगातार देश दुनिया की पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसान मजदूरों पर हमला कर रही है कहा कि 2014 में केंद्र की मोदी सरकार गद्दी पर बैठते ही भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के मुख्य आत्मा को हटाने की अध्यादेश लेकर आई जिसे झारखंड सहित पूरे देश में जन आंदोलन तेज हुआ और केंद्र सरकार को वापस लेना पड़ा। कहा कि भाजपा नित केंद्र सरकार के शासनकाल में राज्य में लूट खसोट, भ्रष्टाचार, अफसरशाही चरम पर है। राज्य में अपराधियों की बोलबाला बढ़ चुका है ।राज्य में बड़े-बड़े नेता, जज ,वकील सुरक्षित नहीं है तो आम जनता सुरक्षित कैसे रह सकती है? उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि सभी लोग गोलबंद होकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ एवं जनता के विभिन्न मांगों के समर्थन में आवाज को बुलंद करें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को 18 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।मांग पत्र में मुख्य रूप से डीजल पेट्रोल एवं गैस की मूल्यवृद्धि को वापस लो एवं बढ़ती महंगाई पर रोक लगाए,  किसान विरोधी तीनों काला कानून एवं मजदूर विरोधी चार कोड को निरस्त करें , सभी किसानों को ₹10000 महीना किसान पेंशन देने की गारंटी करें , किए गए वादा के अनुसार राज्य सरकार शिक्षित युवाओं को महीना में 5000 से ₹7000 बेरोजगारी भत्ता भुगतान करने की गारंटी करें , किए गए वादे के अनुसार पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका , संयोजिका, रसोईया,जलसहिया,स्वास्थ्य सहिया सहित तमाम अनुबंध कर्मियों की मांग को अभिलंब सरकार पूरा करें ।, रिक्त शिक्षक पदों पर टेट पास युवाओं को नियुक्त किया जाए साथ ही सालाना 2,00000 नौकरी देने का वादा को सरकार पूरा करें । सहित 18 सूत्री मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री झारखंड सरकार को सौंपा गया। मौके पर झारखंड राज्य परिषद सहायक मंत्री राजेंद्र प्रसाद यादव, राज्य कार्यकारिणी सदस्य पीके पांडे, जिला सचिव कन्हाई माल पहाड़िया , नौजवान संघ के गौतम कुमार खां , हीरालाल माजी, राष्ट्रीय परिषद कार्यकारिणी सदस्य पशुपति कोल , गौर रवानी , विमल कांत घोष,  मृत्युंजय तिवारी, कालीपद राय  आयेन माजी,  मृत्युंजय तिवारी, बबलू डोकानिया , बलराम राय,  सुरेश दास,  बबलू घोड़ोई, परिमल राणा,  कृष्ण पाल, परिमल घोष,  स्वपन मंडल, अहिल्या माल पहाड़िया, अशोक मंडल, स्वपन मंडल, अजीत पाल , सुबोध कुमार घोष सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। 

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