आदिवासी समुदाय के लोगों ने विश्व आदिवासी दिवस समारोह मनाया



पालोजोरी :- सोमवार को पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र के चित्रा कोलियरी स्थित एक सामुदायिक भवन में भगवान बिरसा मुंडा सिद्धों कान्हू चांद भैरव फूलों झानों अमर रहें जैसे जयघोष लगाते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई।वहीं इसकी अध्यक्षता कर रहे होपना मरांडी ने द्विप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा की इसी दिन 9 अगस्त 1995 को संयुक्त राष्ट्र की महासभा में बैठक बुलाई की ओर आज तक इसी प्रकार से विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाने लगा। वहीं उन्होंने कहा की आदिवासी समुदाय के लोग पहले से ही जल जंगल जमीन जैसे चीजों को लेकर प्रमुखता से उठाने का काम करते आ रहे हैं।‌ जिसको लेकर भारत के अलावा संयुक्त राष्ट्र ने भी इसको माना और उनको लेकर एक बैठक कर विश्व आदिवासी दिवस के रूप प्रत्येक वर्ष मनाया जाने लगा। वहीं इसी कड़ी में भाकापा व मजदूर एटक के नेता पशुपति कोल ने कहा की देश के लगभग सभी राज्यों में आदिवासी समुदाय पायें जाते हैं । जबकि पूरे विश्व भर में लगभग 37 करोड़ आदिवासी समुदाय जीवनयापन करते हुए देखने को मिल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा की देश में इन दिनों आदिवासी समुदाय के लोगों के प्रति सरकार कठोरता दिखाने का काम कर रहे हैं। वहीं राज्य सरकार आदिवासियों को लेकर किसी भी प्रकार का कोई ठोस कदम उठाने का काम नहीं की गई। जल जंगल जमीन बचाने वाले मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहने पर  विवश हैं। वहीं मौके  राम सोरेन, किस्मत सोरेन, लखन सोरेन, संजय सोरेन साबुन हेम्ब्रम, छाया कोल सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।


 संवाददाता  कुमार आस्तिक गिरि

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