झारखंड में साइबर अपराधियों पर लगेगा सीसीए,इडी करेगा संपत्ति अटैच, ये है पुलिस की तैयारी



देवघर।विगत तीन वर्षों से साइबर डीएसपी  नेहा बाला के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन कर साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने की अनवरत जारी प्रयास किया जाता रहा जिसमें उन्होंने 70 प्रतिशत अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।उनका पूरा कार्यकाल काफी हद तक अपराधियों पर नकेल कसने में कामयाब रहा।वहीं देवघर पुलिस अब साइबर अपराधियों  पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है. अवैध कमाई से अकूत संपत्ति हासिल करने वाले अपराधियों की पुलिस सूची तैयार कर रही है. ऐसे साइबर अपराधियों की संपत्ति इडी  अटैच करेगा. इनके खिलाफ सीसीए भी लगेगा झारखंड के देवघर जिले में पुलिस अब साइबर अपराधियों पर सख्ती बढ़ाने वाली है. लगातार जेल से बाहर आकर साइबर अपराध नहीं छोड़ने वाले तथा अवैध कमाई से अकूत संपत्ति हासिल कर आलीशान मकान खड़े करने वाले व चमचमाती गाड़ियों से घूमने वालों की पुलिस सूची तैयार कर रही है. ऐसे साइबर अपराधियों की संपत्ति इडी से अटैच कराने की अनुशंसा की जायेगी. इसके साथ ही उनलोगों पर सीसीए लगवाने व जिला बदर कराने की भी अनुशंसा की जायेगी.पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने के लिये साइबर अपराधी तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं. पीएम किसान सम्मान निधि योजना, आवास योजना, बाढ़ सुखाड़ राहत कोष के नाम पर लाभुकों को कॉल कर झांसे में लेने के बाद ठगी करते हैं. फोन-पे ग्राहक को कैशबैक का झांसा देकर विभिन्न इ-वॉलेट पे यू मनी, फ्री चार्ज से ठगी करते हैं. साथ ही ये साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और उन्हें एटीएम बंद होने का झांसा देकर ठगी करते हैं. इसके अलावा केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर भी ठगी की जाती है. फोन-पे, पेटीएम में पीड़ित का एटीएम नंबर जोड़कर एड मनी कर ओटीपी प्राप्त करते हैं और साइबर ठगी करते हैं. टीम व्यूवर व क्विक सपोर्ट जैसे रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल कराकर झांसे से ग्राहकों को फोन कर ओटीपी प्राप्त कर साइबर ठगी करते हैं.

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