धार्मिक गांव करोंग्राम में संकीर्तन मण्डली सह भ्रमण मण्डली का स्वागत किया



देवघर। प्रत्येक महीने बंगला माह के प्रथम दिवस को ' सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे संतु निरामया अर्थात् सभी सुखी रहें , सभी स्वस्थ रहें की अनुगुंज संकीर्तन के माध्यम से पौराणिक व धार्मिक गांव करोंग्राम के विभिन्न मुहल्लों में सुनाई प़ड़ता है ।आस्था और श्रद्धा का विहंगम दृश्य  को देखने के लिये नर -नारी तड़के ,भोर से अपने-अपने घर-द्वार  हाथ जोड़कर खड़े होकर संकीर्तन मण्डली  सह भ्रमण मण्डली का स्वागत करते है । संकीर्तन मण्डली के कर्ण प्रिय भजन से लोग मोहित हो जाते है।इस समय मानो  पूरे ग्रामवासी श्रद्धा और भक्ति के सागर में गोते लगाते है।गौरतलब यह है कि  संकीर्तन भ्रमण बर्षों से बंगला पंजिका के अनुसार प्रत्येक माह के प्रथम दिन को गांव के हर गली में संकीर्तन रामनाम , कृष्णनाम का सुमधुर भजन होता है । इसमें सभी समुदाय के लोग शामिल होते है । संकीर्तन मण्डली के बरिष्ठ सदस्य वामापद राय ने कहा 100 पूर्व  हरि राय ने इसकी नींव रखीं थीं । जो आज भी हमसब पारम्परिक रीति-रीवाज से सम्पादित करते आ रहे है I उन्होंने कहा हमारे गांव में धार्मिक कार्य जैसे रामायण पाठ  , सत्यनारायण कथा , देव-देवियों की नित-दिन पूजा के अलावे बैशाक माह में संकीर्तन का आयोजन किया जाता है ।हम पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ नगर भ्रमण करते है।नियम से , धरम-करम से , संयम के साथ पालन करने से भगवान की कृपादृष्टि के अधिकारी होते है।पंडित श्यामापद चटर्जी ने कहा कि  श्रद्धावान को ही ज्ञान प्राप्त होता है ।  इच्छाशक्ति व संकल्प से असंभव कार्य भी संभव होता है ।  नगर भ्रमण द्वारा लोगों आध्यात्मिक चेतना का संदेश पहुंचता है वहीं आपसी प्रेम भाईचारा और सामुर्दायक रहन-सहन के जीवन  पद्धति का भी संचार होता है ।इस अवसर सदस्य रतन काफरी , राजू साह , शक्ति दे , बल जी आदि उपस्थित थे।

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