राखी एक धागा नहीं बल्कि स्नेह है भाई-बहन के प्यार का : चंदा मिश्रा



देवघर एसएफसी की फाउंडर मेंबर  चंदा मिश्रा ने अपने भाइयों के प्रति स्नेह जाहिर करते हुए कहा कि इस बात में कोई दोराय नहीं कि त्यौहार हमारी संस्कृति का वो हिस्सा है, जिनसे बहुत सारे रिश्ते जुड़े होते हैं। उन्हीं में से एक है रक्षाबंधन का पर्व। इस दिन भाई-बहन दोनों को ही एक-दूसरे के प्रति अपना प्यार जताने का खूबसूरत मौका मिलता है। हालांकि, भाई-बहन का रिश्ता बहुत अजीब होता है। बचपन में लड़ाई-झगड़े से लेकर खूब सारी नोकझोंक के बीच वह कब एक-दूसरे के बेस्ट फ्रेंड बन जाते हैं, उन्हें खुद भी इसका एहसास नहीं होता है। यही एक वजह भी है की भाई-बहन का रिश्ता इस दुनिया में सबसे प्यारा है। हालांकि, इस बार का रक्षाबंधन काफी अलग है। साल की शुरुआत में कोरोना की वजह से मची हाहाकार ने सभी को समझदारी सीखा दी है। लोग न केवल घर में सुरक्षित रहकर त्यौहार मनाने पर विचार कर रहे हैं बल्कि नकारात्मक मानसिकता से भी अपनों को बचा रहे हैं। लड़ाई-झगड़े, रूठना-मनाना, भाई-बहन के रिश्ते का एक सच यह भी है, जो शादी से पहले तक को प्यार की निशानी मानी जाती है। लेकिन बड़े होने के बाद यही मासूमियत-दोस्ती और रूठना-मनाना इस रिश्ते पर हावी होने लगता है। हालांकि, इस दौरान भाई-बहन को यह नहीं भूलना चाहिए कि गुस्सा, ईगो और गलतफहमियां कभी-कभार इस रिश्ते को पूरी तरह खत्म कर देती हैं।जो बात बीत गई सो बीत गई, ऐसे में आप दोनों को ही थोड़ी मैच्योरिटी दिखाते हुए अपने रिश्ते को मजबूत बनाना होगा। रिश्ते को सुधारने से अक्सर बहुत सी चीजें अपने आप ही ठीक हो जाती हैं।पापा की डांट हो या मम्मी की बातें, जब भी भाई कहीं फंसते हैं, तो वह अपनी बहनों को ही याद करते हैं। भाइयों को पता होता है कि वहां से आपको निकालने वाली आपकी बहन ही है। हालांकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी देखभाल नहीं कर सकते हैं। लेकिन मन में एक तस्सली रहती है कि कभी भी आपको किसी तरह की परेशानी होगी तो बहन आपकी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहेगी। भाई के साथ बड़ा होना बहन को अधिक सहानुभूतिपूर्ण बनाता है जबकि बहनों के साथ बड़े होने पर लड़कों में परोपकारिता के गुण उत्पन्न होते हैं, जो आगे चलकर अपने परिवार को बांध कर रखते हैं। बहन न केवल अपने भाई को जिम्मेदार बनाती है बल्कि बहनों के साथ रहने पर भाई में धैर्य भी आ जाता है। उन्होंने खास मौके पर कहा की उनके प्रिय भाई  राजेंद्र झा, बबलू झा, गुणेश झा, विभाकर झा उनके लिए अनमोल है।

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