निजी स्कूलों के मनमाने रवैए से कोरोना संक्रमण के विस्फोट का खतरा: संजय भारद्वाज



प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और प्रदेश राजद सचिव संजय भारद्वाज ने देवघर जिले के निजी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और प्रसार के रोकथाम के लिए निर्गत दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि जब तक बच्चों का पुर्ण रुप से टीकाकरण नहीं हो जाता है, तब तक ऑनलाइन शिक्षा के विकल्प को समाप्त किया जाना खतरनाक है। राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन देवघर द्वारा भी 2 अगस्त 2021 को  दिशा-निर्देश‌ जारी किये गए हैं। जिसके अनुसार स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू किए जाने का कार्य शुरू किये जाने के साथ ऑनलाइन क्लास भी जारी रखी जानी है  और ऑफलाइन क्लास का विकल्प ऐच्छिक होगा। लेकिन कई निजी शिक्षण संस्थानों खासकर मिशनरी स्कूलों द्वारा इस गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है और ऑनलाइन क्लास के विकल्प को बंद कर दिया गया है। इस तरह मनमाना रवैया अपनाया जाना राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन है जिससे भविष्य में स्थिति विषम हो सकती है।  भारद्वाज ने कहा कि भले ही संक्रमण की रफ्तार धीमी होने पर बेशक स्कूल कालेजों को खोलने का निर्णय लिया गया है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। बल्कि कई राज्यों में कोरोना वायरस के नये वेरिएंट के मामले सामने आ रहे हैं और कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। सामान्य जीवन में शिक्षा के महत्व से इंकार नहीं किया जा सकता है लेकिन जीवन की रक्षा आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत है।इसलिए जिला प्रशासन से मेरी अपील है कि समय रहते ही कार्यवाही कर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्गत निर्देशों के उल्लंघन करने पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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